लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की विशेष पोक्सो कोर्ट ने एक नाबालिग लड़की का अपहरण और बलात्कार की कोशिश के जुर्म में एक धर्मगुरु को पांच साल की जेल की सजा सुनाई है. अतिरिक्त जिला सत्र न्यायाधीश राम सुध सिंह ने धर्मगुरु को पोक्सो अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366 और 376/511 के तहत दोषी ठहराया और उस पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. Also Read - coronavirus cases in uttar pradesh: सामने आए 30 नए मामले, 26 तबलीगी जमात से जुड़े लोग, आगे बढ़ सकता है लॉकडाउन

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बता दें कि धर्मगुरु ने मुजफ्फरनगर जिले की शहर कोतवाली के एक गांव में 27 सितंबर 2016 को लड़की का अपहरण कर दुष्‍कर्म की कोशिश की थी. बताया गया कि 14 वर्षीय बालिका अपने भाई के साथ घर से ट्यूशन पढ़ने के लिए निकली थी. रास्‍ते में सुजड़ चुंगी के पास एक व्यक्ति दोनों को बाइक से खतौली ले गया, जहां से दोनों को कार में बेहोश कर दिल्ली ले जाया गया. राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर अकेले मिले बालक को होश आया तो एक व्यक्ति उसे राजौरी गार्डन पुलिस स्टेशन ले गया. पुलिस ने परिजनों को खबर दी. परिजन बालक को घर ले आए. Also Read - UP Corona Updates: 12 घंटे में कोरोना के 16 नए पॉजिटिव मरीज, राज्य के ये शहर बने कोरोना 'हॉटस्पाट'

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ऐसे सामने आया मामला
बालक ने आरोप लगाया कि कि सुजड़ चुंगी से दोनों को सुजड़ गांव में रहने वाला बिहार के कटिहार जिले का जियाउर्रहमान व खान मोहम्मद बेहोश कर दिल्ली ले गए थे. पुलिस ने बालिका को भी बरामद कर लिया था, जिसके बयान के आधार पर शहर कोतवाली में दोनों अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था. सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र मलिक ने बताया कि मुकदमे की सुनवाई विशेष पोक्सो न्यायाधीश एडीजे-8 रामसुध के समक्ष हुई. न्यायालय ने अभियुक्त जियाउर्रहमान को अपहरण व दुष्कर्म के प्रयास का दोषी मानते हुए पांच वर्ष कैद की सजा और 20 हजार का जुर्माना लगाया है.