सहारनपुर: सहारनपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया की गोली मारकर हत्या कर दी गई. इसके बाद सहारनपुर एक बार फिर सुलग उठा. भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने अस्पताल पहुंच जमकर हंगामा काटा. पुलिस से शव छीन लिया. पुलिस द्वारा हल्का लाठी चार्ज किया गया. शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है. शहर की इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. स्कूलों की समय से पहले ही छुट्टी करने के आदेश कर दिए गए. बता दें कि पिछले साल सहारनपुर में इसी दिन हिंसा भड़की थी. इसमें कई लोगों की मौत हुई थी. मृतक पक्ष के लोगों का आरोप है कि रामनगर के पास महाराणा प्रताप भवन तक शोभायात्रा निकाली जा रही थी. शोभायात्रा के दौरान कुछ लोगों ने सचिन वालिया की गोली मारकर हत्या कर दी.

एसएसपी बोले- मामले की कर रहे जांच
सूचना मिलने पर जिला कलेक्टर और एसएसपी मौके पर पहुंचे. फॉरेंसिक टीम भी रामनगर स्थित घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया. सहारनपुर के एसएसपी बबलू कुमार ने कहा कि पहली नजर में यह मामला संदिग्ध लग रहा है. हम हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रहे हैं. फिलहाल, हालात तनावपूर्ण हैं. हालात पर नियंत्रण रखना पुलिस-प्रशासन की सबसे बड़ी चुनौती है.

सहारनपुर: भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई की हत्या, महाराणा प्रताप जयंती स्थल पर मारी गोली

जयंती स्थल से कुछ दूरी पर मारी गोली
मामला सहारनपुर के सदर बाजार थाना इलाके के मल्हीपुर रोड का है. बताया जा रहा है कि यहां महाराणा प्रताप जयंती का कार्यक्रम चल रहा था. यहां से कुछ ही दूरी पर भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया मौजूद थे. वह भी भीम आर्मी के नेता थे. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल से कुछ ही दूरी पर सचिन को गोली मार दी गई. सचिन को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया है. परिजनों ने घटना के बाद हंगामा किया. घटना के दौरान सचिन के साथ रहे एक शख्स ने बताया कि सचिन नाश्ता लेने के लिए निकला था, तभी किसी ने गोली मार दी. जिसने गोली मारी वह उसका चेहरा नहीं देख सका. ऐसा किसने किया, अभी इसका पता नहीं चल पाया है.

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भीम आर्मी ने पहले ही जताई थी बवाल की आशंका
इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है. बताया जा रहा है कि महाराणा प्रताप जयंती को देखते हुए जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट पर था. महाराणा प्रताप भवन पर 800 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे. 200 लोगों को जयंती मानाने की प्रशासन ने सशर्त प्रशासन दी थी. यह भी बताया जा रहा है कि भीम आर्मी ने जयंती न मनाने की चेतावनी दी थी. सचिन के भाई भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया ने कहा कि उन्होंने पहले ही यहां कार्यक्रम नहीं होने देने की बात कही थी, इसके बाद भी परमीशन दी गई. उन्हें आशंका थी कि कुछ न कुछ ऐसी घटना घट सकती है. इसके बाद जयंती मनाने के दौरान सचिन को गोली मार दी गई. पिछले साल इसी दिन सहारनपुर में जातीय हिंसा भड़की थी. भीम आर्मी के अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण अब तक जेल में हैं. चंद्रशेखर पर रासुका लगाई गई है, जो कई बार बढ़ाई जा चुकी है.