नई दिल्‍ली: उत्‍तर प्रदेश के कानपुर एनकाउंटर मामले के मुख्‍य आरोपी विकास दुबे का आज एनकाउंटर कर दिया गया है. इस पूरे घटनाक्रम में विकास दुबे के मारे गए साथियों से लेकर विकास दुबे के एनकाउंटर के कई सवाल हैं, जिन्‍हें एसटीएफ और यूपी पुलिस को कोर्ट में देने होंगे. जब पुलिस अभिरक्षा में मौत होती है, तब उसकी एक जांच की प्रक्र‍िया अपनाई जाती है. यह  कस्‍टोडियल डेथ हैऔर इसमें कोर्ट को संतुष्‍ट करना होता है. पुलिस को कई जवाब देनेे होंगे कि किन परिस्‍थियों में उसे आरोपी का एनकाउंटर करना पड़ा. Also Read - विकास दुबे के गांव में दबिश देने से पहले का पुलिस का ऑडियो अब हुआ वायरल, पूर्व SSP की बढ़ेगी मुसीबत

एसपी कानपुर वेस्‍ट के मुताबिक, गैंगस्‍टर विकास दुबे कार पलटने के बाद भागने की कोशिश की. पुलिस ने उसे सरेंडर करवाने की कोशिश की है. इस दौरान उसने पुलिसवालों पर फायर कर दिए. वह पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मारा गया है. Also Read - यूपी में ऑनर किलिंग: लड़की ने प्रेमी को मिलने घर बुलाया था, परिवारवालों ने आग लगा दी, दोनों की मौत

पुलिस के मुताबिक, कई पुलिसकर्मी भी घायल हैं. एसएसपी ने कहा, हमारे चार जवान घायल हैं. बता दें कि कानपुर के बिकरू गांव में गत शुक्रवार को पुलिस टीम पर हमले के बाद उप्र पुलिस दुबे के पांच साथियों को ढेर कर चुकी है. इसके अलावा दो पुलिसकर्मियों समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. Also Read - सेक्‍स रैकेट का खुलासा, गाजियाबाद के साहिबाबाद में फ्लैट से 8 युवतियों के साथ 7 पुरुष गिरफ्तार

यूपी पुलिस की एसटीएफ टीम को कई सवालें के जवाब देने होंगे, जिनमें, यूपी एसटीएफ टीम के काफिले की कार कैसे पलटी? विकास दुबे कार पलटने के बाद कैसे भाग खड़ा हुआ? एसटीएफ टीम का हथियार विकास दुबे ने कैसे हथियार छीन लिया? किन परिस्‍थियों में एसटीएफ टीम को फायर करना पड़ा? क्‍या विकास दुबे को हथकड़ी पहनाई गई थी? वह हथकड़ी पहने हुए कैसे हथियार छीनकर भागने की कोशिश की और गोली चला दी.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिस जवानों की हत्या के आरोपी विकास दुबे को गिरफ्तार करने के बाद मध्य प्रदेश की उज्जैन पुलिस ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की पुलिस को सौंपा था.

खबरों के मुताबिक, विकास दुबे के एनकाउंटर से पहले यूपी एसटीएफ टीम के काफिले का एक वाहन रास्‍ते में पलट गया था. इसके बाद विकास दुबे ने भागने की कोशिश की. इस पर एसटीएफ टीम ने फायर कर दिया. विकास दुबे एसटीएफ टीम का हथियार छीनकर भागा था. एसटीएफ टीम की कार पलटते ही एनकाउंटर शुरू हो गया और यह मुठभेड़ स्‍थल में तब्‍दील हो गया. एसटीएफ टीम की गोली लगने के बाद उसे अस्‍पताल ले जाया गया, जहां डॉक्‍टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

बता दें कि मध्‍य प्रदेश के उज्‍जैन से कुख्‍यात अपराधी विकास को कानपुर लेकर लौट रही यूपी एसटीएफ टीम के काफिले का एक वाहन रास्‍ते में पलट गया था. इस बीच उज्‍जैन से कानपुर लाने के दौरान रास्‍ते में कई जगह बारिश भी हुई है. वाहन पलटने की जगह पर पुलिस मौजूद है.

बता दें कि बीते 2/3 जुलाई की रात में 8 पुलिसकर्मियों की हत्‍या के मुख्‍य आरोपी विकास दुबे को उज्‍जैन से पुलिस टीम लेकर कानपुर आ रही थी. दुबे करीब 60 आपराधिक मामलों में आरोपी था, जिनमें हत्या के मामले भी हैं. वह 20 साल पहले थाने के भीतर हुई भाजपा के एक विधायक की हत्या का आरोपी भी था, हालांकि सबूतों के अभाव में वह बरी हो गया था.

बता दें कि गुरुवार को दुबे की गिरफ्तारी से कुछ घंटे पहले उसके दो साथियों को उत्तर प्रदेश पुलिस ने अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया. दुबे का साथी कार्तिकेय उर्फ प्रभात कानपुर में तब मारा गया, जब उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की जबकि दूसरा साथी प्रवीण उर्फ बउवा दुबे इटावा में मुठभेड़ में मारा गया था.

कार्तिकेय को बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था. उसकी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश करते समय गोली लगने से मौत हो गई. एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी थी. उत्तर प्रदेश के अपर महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने बताया था कि कार्तिकेय ऊर्फ प्रभात ने ट्रांजिट रिमांड पर फरीदाबाद से कानपुर लाए जाने के दौरान पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि कार्तिकेय ने पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीन कर एसटीएफ कर्मियों पर गोली चला दी, जिसमें दो कर्मी घायल हो गए.

इटावा के पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने बताया कि विकास दुबे का एक और करीबी साथी एवं इनामी बदमाश प्रवीण उर्फ बउवा दुबे बृहस्पतिवार को इटावा में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया. उस पर 50,000 रुपए का इनाम भी घोषित था.

कानपुर के बिकरू गांव में गत शुक्रवार को पुलिस टीम पर हमले के बाद उप्र पुलिस दुबे के पांच साथियों को ढेर कर चुकी है. इसके अलावा दो पुलिसकर्मियों समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.