लखनऊ: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपी एसएसएससी) द्वारा आयोजित नलकूप चालक की परीक्षा का पेपर लीक करने वाले गिरोह के सरगना समेत 11 सदस्यों को मेरठ के थाना क्षेत्र सदर बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार किया है. पुलिस ने इनके पास से 3 हाथों से लिखी आंसरशीट, 5 एडमिट कार्ड, 13 मोबाइल फोन, 14,80000 रुपये और एक बोलेरो कार बरामद की है. गिरोह का सरगना जनपद अमरोहा के एक प्राथमिक विद्यालय का शिक्षक है. Also Read - यूपी: बीजेपी नेता की मौत, कार में मिली गोली लगी लाश, तमंचा और शराब की बोतल भी मिली

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पेपर लीक होने के बाद रविवार को 3210 पदों पर होने वाली इस परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है. यूपीएसएसएससी के अध्यक्ष सीबी पालीवाल ने कहा कि जल्द ही परीक्षा की नई तिथि का ऐलान किया जाएगा. यूपी एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने बताया कि पकड़े गए पेपर लीक करने वाले गिरोह का सरगना सचिन निवासी मेरठ है. उसके साथ-साथ अंकित पाल, कपिल, परमीत सिंह निवासीगण मेरठ, दीपक ,सुरेंद्र सिंह, प्रदीप निवासीगण अमरोहा (सभी परीक्षार्थी), शुभम कुमार, सुमित शर्मा, गौरव कुमार निवासीगण हापुड़ और लोकेश निवासी सहारनपुर है. Also Read - Uttar Pradesh: मेरठ में एक महिला और पुरूष का शव मिला, पुलिस को आत्महत्या का शक

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अमरोहा का रहने वाला है सरगना

इन लोगों को यूपी एसटीएफ की मेरठ युनिट ने पेपर लीक कराने में कई गिरोह के सक्रिय होने की सूचनाओं के बाद मुखबिर की खबर पर शनिवार रात मेरठ के सदर बाजार क्षेत्र के कैंट रेलवे स्टेशन के पास उमरांव एनक्लेव के निकट से गिरफ्तार किया. पूछताछ में गिरोह के सरगना सचिन ने बताया कि वह प्राथमिक विद्यालय, जनपद अमरोहा में अध्यापक है. वह बीते दो सालों से आयोजित होने वाली विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर आउट कराकर अभ्यार्थियों को भर्ती कराता आ रहा है.

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हर अभ्यर्थी से भर्ती से पहले 3 लाख व बाद में 4 लाख लेता था

रविवार को होने वाली ट्यूबवेल ऑपरेटर की परीक्षा में उसने हर अभ्यर्थी से भर्ती होने से पहले 3-3 लाख ले चुका था और भर्ती होने के बाद 3 से 4 लाख रुपये और लेता. आरोपी ने बताया कि उसने शनिवार रात अभ्यार्थियों को पेपर आउट होने के बाद उनके आंसर की (प्रश्नपत्र के उत्तर) देने के लिए मेरठ कैंट बुलाया था, जहां पर सभी गिरफ्तार हो गए.