Uttar Pradesh Crime: पूर्व बाहुबली सांसद और समाजवादी पार्टी के नेता रमाकांत यादव बसपा नेता और माफिया डॉन मुख्तार अंसारी के गुर्गों से अपनी जान को खतरा बताया है और उन्होंने राज्यपाल को पत्र लिखकर खुद की सुरक्षा की मांग की है. राज्यपाल को लिखे पत्र में रमाकांत यादव ने कहा है कि मुझे पूर्वांचल के माफिया डॉन मुख्तार अंसारीके गुर्गों से अपनी जान को खतरा है. पूर्व सांसद द्वारा राज्यपाल को लिखे इस पत्र के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. Also Read - Uttar Pradesh News: यूपी के एटा में ब्लैकमेलिंग से परेशान 16 साल की लड़की ने की खुदकुशी

बता दें कि साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले रमाकांत यादव भाजपा में थे. वर्ष 2019 में जब उन्हें  टिकट नहीं मिला तो वे कांग्रेस में शामिल हो गए . भाजपा छोड़ने के बाद रमाकांत को मिली वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा वापस ले ली गयी थी. रमांकात यादव 6 अक्टूबर 2019 को कांग्रेस का दामन छोड़कर समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए. Also Read - कोरोना काल में फिर बदला UP में शराब दुकानों का समय, जानिये क्या होगी अब नई टाइमिंग....

कहा जा रहा है कि वाई (Y) श्रेणी की सुरक्षा पाने के लिए रमाकांत यादव तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे थे. इसी बीच उन्होंने एक नया हथकंडा अपनाया है और 17 सितम्बर को प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को पत्र लिखकर खुद के हत्या की आशंका जताई है. Also Read - हाथरस कांड पर SC का फैसला-अभी केस ट्रायल यूपी में ही होगा, तुरंत ट्रांसफर की जरूरत नहीं

इसमें हैरत करने वाली बात यह है कि पूर्व सांसद ने जिन लोगों से अपनी जान को खतरा बताया है वह पूर्वांचल के माफिया विधायक मुख्तार अंसारी गिरोह से ताल्लुक रखते है. आजमगढ़ के तरवां थाना क्षेत्र के महुआरी गांव में बीते 4 सितम्बर को पुलिस ने मुख्तार के चार गुर्गों को एके-47 के कारतूस और असलह के साथ मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था. पूर्व सांसद ने इन्हीं गुर्गों से अपनी जान को खतरा बताया है.

रमाकांत यादव ने राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा है कि वे आजमगढ़ से चार बार सांसद और फूलपुर से चार बार विधायक रहे हैं. वर्तमान में उन्हें कोई सरकारी सुरक्षा नहीं दी गई है. इसके कारण अपराधी प्रवृत्ति के लोग बराबर उनकी हत्या करने की कोशिश करते हैं. पूर्व सांसद ने राज्यपाल से सुरक्षा की गुहार लगाई है.