सुल्‍तानपुर : सुल्‍तानपुर में जिला अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा एक बार फिर असंवेदनशीलता सामने आई है. यहां जिला अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने ट्रेन में पैर कट जाने से तड़प रहे युवक का इलाज करने के बजाय उसके पैर का कटा हिस्‍सा दोनों पैरों के बीच में रख दिया, जबकि युवक दर्द से तड़पता रहा. मुख्‍य चिकित्‍सा अधिकारी ने घटना की जांच कराने का आश्‍वासन दिया है. Also Read - बलिया कांड: BJP विधायक बोले- दूसरे पक्ष की FIR दर्ज न होने पर आमरण अनशन करूंगा

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ट्रेन से कटा था पैर, दर्द से चिल्लाता रहा घायल Also Read - कोर्ट ने कृष्‍ण जन्‍मभूमि से लगी मस्जिद को हटाने की मांग वाली याचिका स्‍वीकार की, अगली सुनवाई तय

जयसिंहपुर थाने के रावनिया के रहने वाले अतुल कुमार पांडेय का बायां पैर बुधवार देर रात को एक ट्रेन हादसे में कट गया था. मौके पर मौजूद लोग उसे इलाज के लिए आनन-फानन में जिला अस्‍पताल ले गए थे, लेकिन वहां डॉक्‍टरों ने उसे भर्ती करने के बजाय उसे आपातकालीन वार्ड में अलग बेड पर लिटा दिया. यहाँ जिला अस्‍पताल के डॉक्‍टरों ने अतुल कुमार पांडेय का इलाज करने के बजाय उसका कटा पैर दोनों पैरों के बीच रख दिया. वह काफी देर तक दर्द से चिल्‍लाता रहा. इसके जब वहां मौजूद लोग उसका वीडियो मोबाइल में बनाने लगे तब डॉक्‍टरों ने उसके पैर में पट्टी चढ़ाई. इसके बाद उसे इलाज के लिए लखनऊ रेफर कर दिया.

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मामला मीडिया में आने के बाद जांच का आश्‍वासन

मामला मीडिया में आने के बाद सीएमओ ने तो घटना से पल्‍ला झाड़ लिया. सीएमओ सीबीएन त्रिपाठी ने भी पहले आरोपी डॉक्‍टरों को क्‍लीन चिट दे दी. लेकिन मामले की तस्‍वीरें दिखाने के बाद उन्‍होंने औपचारिकता पूरी करने के लिए दो सदस्‍यीय टीम बनाकर मामले की जांच कराने की बात कही है.

झाँसी में सामने आया था ऐसा मामला

इससे पहले झाँसी में ऐसा मामला सामने आया था. सड़क दुर्घटना में घायल हुए युवक के कटे पैर का डॉक्टर्स ने तकिया बनाकर घायल के ही सिर के नीचे रख दिया. इसकी तस्वीरें वायरल हो गई थीं. मामले को प्रदेश सरकार ने संज्ञान में लेते हुए कार्यवाही की थी.