लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ठेके और ट्रांसफर के नाम पर रिश्वत मांगने वाले योगी सरकार के मंत्रियों के तीन निजी सचिवों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. बता दें कि कुछ दिन पूर्व ही पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री ओम प्रकाश राजभर के निजी सचिव ओम प्रकाश कश्यप, खनन राज्यमंत्री अर्चना पांडेय के निजी सचिव एसपी त्रिपाठी और शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह के निजी सचिव संतोष कुमार अवस्थी को शनिवार को एसआईटी टीम हजरतगंज कोतवाली लेकर पहुंची.

कुछ दिन पूर्व हुए इन तीनों ही सचिवों के एक निजी चैनल द्वारा किए गए स्टिंग ने प्रदेश की राजनीति में उबाल ला दिया था उसके बाद इन्हें सीएम योगी ने तत्काल बर्खास्त कर एसआईटी जांच बिठाई थी. इन तीनों पर ही तबादलों और ठेके दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप है. एसआईटी को जांच में तीनों आरोपियों के प्रॉपर्टी, बैंक लॉकर संबंधित अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं. स्टिंग ऑपरेशन के दौरान भी ये तीनों बेहद ढिठाई से रिश्वत मांगते नजर आ रहे हैं.

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एडीजी राजीव कृष्ण ने जानकारी देते हुए बताया कि इन तीनों ही निजी सचिवों को रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. इन तीनों ही निजी सचिवों के खिलाफ सीएम योगी के निर्देश पर बीते 27 दिसम्बर को सचिवालय प्रशासन के उप सचिव पंचम राम ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया था.

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