वाराणसी: फ्लाईओवर का हिस्सा गिरने के प्रकरण में उत्तर प्रदेश सेतु निगम के अधिकारियों, इंजीनियरों, स्टाफ और ठेकेदारों के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है. वहीं डीएम ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए हैं. आज रोडवेज पुलिस चौकी प्रभारी धनानंद त्रिपाठी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गयी. Also Read - Driving License Latest Update: अब चुटकियों में बन जाएगा ड्राइविंग लाइसेंस, बदल गए हैं नियम, जानिए

Also Read - शर्मनाक: नशे में धुत बड़े भाई ने शादीशुदा बहन के साथ किया Rape, वीडियो भी बनाया

फ्लाई ओवर हादसे में चार अधिकारी सस्‍पेंड Also Read - UP: घर से लड़की के लापता होते ही आया था फोन- वीडियो कर देंगे वायरल, फ‍ि‍र रेलवे पटरी के पास मिली लाश

मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने पुल हादसे में फ्लाईओवर का निर्माण कर रही सेतु निगम के चीफ़ प्रोजेक्ट मैंनेजर एचसी तिवारी, प्रोजेक्ट मैनेजर राजेन्द्र सिंह और के.आर सूडान को सस्पेंड कर दिया था. साथ ही एक अन्य कर्मचारी को भी सस्पेंड किया था. यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्विट कर के दी. इन अधिकारियों पर आरोप हैं कि निर्माण के दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया.

फरवरी में भी दर्ज हुआ मामला

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आर के भारद्वाज ने कहा कि निगम के अधिकारियों के खिलाफ फरवरी में भी एक प्राथमिकी हुई थी. ये प्राथमिकी समुचित अवरोधक, सर्विस लेन का निर्माण जैसे सुरक्षा मानक नहीं अपनाने के लिए की गयी थी. इस बीच एक विज्ञप्ति के मुताबिक जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने कहा है कि प्रकरण की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये गये हैं. जांच एडीएम मनोज कुमार राय करेंगे और वह तीन दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे.

‘खुशहाल’ जिंदगी पर टूटा ‘अमंगल फ्लाई ओवर’ का कहर, मोदी की काशी में उजड़ गए कई घर, ऐसा है हाल

कईयों के उजड़े घर

15 मई को हुए इस हादसे में अब तक कुल 18 लोगों की मौत की खबर है. इनके घर उजड़ गए हैं. हादसे में मारे गए परिवारों के पीड़ितों में हाहाकार मचा हुआ है. बता दें कि यूपी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मंगलवार की शाम एक बड़ा हादसा हो गया. यहां कैंट रेलवे स्टेशन के पास निर्माणाधीन फ्लाईओवर का एक बड़ा हिस्सा गिर जाने से इसकी चपेट में आकर 18 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में कई वाहन दब गए और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. अधिकारियों के मुताबिक अभी मरने वालों की संख्‍या में इजाफा हो सकता है. फ्लाईओवर का निर्माण उत्तर प्रदेश स्टेट ब्रिज कारपोरेशन करवा रहा था. मुख्य सचिव (गृह) अरविंद कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ की सात टीमों के 325 जवान राहत व बचाव कार्य में लगे हुए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में हुई इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया है.