मथुरा: दो जून 2016 के दिन, उत्तर प्रदेश के मथुरा जनपद में सरकारी बाग पर कब्जा जमाए बैठे लोगों को निकाल बाहर करने में पुलिस से हुई झड़प में मारे गए तत्कालीन एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी के परिजनों ने आज यहां मांग उठाई कि उनकी शहादत को सम्मान मिले. साथ ही परिवार ने मांग की कि दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों को वाजिब सजा दिलाई जाए. परिजनों ने इस मांग के साथ ही घटनास्थल पर पहुंच एसपी सिटी की याद में पेड़ लगाए. जिला अस्पताल पहुंचकर ब्लड डोनेट किया. दिवंगत एसपी सिटी की पत्नी ने कहा कि जप तब भर्त्सना कर रहे थे, वो आज सरकार में बैठ कुछ नहीं कर पा रहे हैं.

ब्लड डोनेट करने पहुंचे परिवार के सदस्य
बता दें कि दो साल से जवाहर बाग में जमे हुए तथाकथित ‘स्वाधीन भारत विधिक सत्याग्रह नामक संगठन’ के मुखिया रामवृक्ष यादव एवं उसके ढाई-तीन हजार साथियों को खदेड़ने की इस घटना में दो पुलिस अधिकारी शहीद हुए तथा 27 अन्य मारे गए थे. दिवंगत एसपी सिटी की मां मनोरमा द्विवेदी, पत्नी अर्चना द्विवेदी, भाई प्रफुल्ल द्विवेदी आदि परिजनों ने आज यहां आकर जवाहर बाग में घटनास्थल के समीप उनकी याद में अनेक वृक्ष लगाए. यहां से परिवार के कई सदस्य जिला अस्पताल में रक्तदान करने पहुंचे.

अब तक जांच का नहीं निकला परिणाम
अर्चना द्विवेदी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाते हुए कहा कि अब तक किसी भी जांच का कोई परिणाम नहीं निकला. सीबीआई जांच का कराने के लिए हमें खुद ही कोर्ट जाना पड़ा. 15 माह के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी से भी कोई सकारात्मक नतीजे की उम्मीद नहीं बंध रही.’ उन्होंने कहा, तब की (सपा) सरकार की भर्त्सना करने वाले लोग आज सरकार में बैठकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं.