Uttar Pradesh Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव (UP Polls 2022) की सरगर्मियां तेज हो चुकी हैं. हर दिन चुनाव को लेकर तमाम तरह के बयान सामने आ रहे हैं. इन सबके बीच यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने 2022 में होने वाले चुनाव में 350 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाने का दावा किया. इसके साथ-साथ उन्होंने यह भी कहा कि श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट में भूमि खरीद के मामलों में कथित तौर पर घोटाला होने की खबर है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और ट्रस्ट के सभी सदस्यों को इस्तीफा देना चाहिए.Also Read - बाबरी मस्जिद को लेकर ट्विटर पर फैला अखिलेश यादव का फर्जी बयान, सपा ने कराया मुकदमा

सपा प्रमुख ने एक बयान में कहा, ‘अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट में भूमि खरीद के मामलों में भारी घोटाला होने की खबर है, करोड़ों की हेराफेरी का मामला बताया जा रहा है, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. ट्रस्ट के सभी सदस्यों को इस्तीफा देना चाहिए. अयोध्या के धर्मपुर गांव में किसानों की भूमि हवाई अड्डा के लिए अधिग्रहित की जा रही है. किसानों को समुचित दर पर मुआवजा मिलना चाहिए.’ Also Read - UP Assembly Polls 2022: यूपी में सपा के साथ मिलकर चुनाव लडे़गी शरद पवार की NCP

अखिलेश यादव ने बयान में आरोप लगाया, ‘समाज में भेदभाव और विपक्ष के प्रति बदले की भावना से कार्रवाई होने से भाजपा सरकार जनता की निगाहों में अपनी साख खो चुकी है और अच्छे दिनों की जनता की उम्मीदें टूट गई हैं.’ उन्होंने दावा किया, ‘2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा की विदाई और समाजवादी सरकार बनने में गिने-चुने दिन रह गये हैं और 350 से ज्यादा विधायकों की ताकत के साथ समाजवादी पार्टी की सरकार बहुमत में आएगी.’ Also Read - UP Assembly Elections 2022: ओवैसी को सपा के साथ गठबंधन नहीं है मंजूर, AIMIM नेता ने कही ये बड़ी बात

यादव ने प्रदेश के मतदाताओं को पंचायत चुनावों में समाजवादी पार्टी को जिताने के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि कोरोना संकट और प्रशासनिक दबाव के बावजूद बड़ी तादाद में समाजवादी पार्टी को जीत दिलाकर लोगों ने लोकतंत्र को बचाने का काम किया है. उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और 12.94 प्रतिशत के सर्वोच्च स्तर पर बढ़ी महंगाई से घरेलू अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट है. पेट्रोल-डीजल के दामों में जबरदस्त वृद्धि से खाद्य सामग्री, परिवहन सभी महंगे हो गए हैं. यादव ने कहा कि मंडियों की व्यवस्था चौपट होने से किसान बदहाल हैं और उन्हें फसल का लाभकारी मूल्य मिल नहीं रहा है और न किसान की आय दुगनी हुई.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सच तो यह है कि भाजपा ने एक भी अपना वादा पूरा नहीं किया, नौजवानों से रोजगार देने के नाम पर छल हुआ, भर्ती के विज्ञापन बहुत छपे परन्तु भर्ती कहीं नहीं हुई और पूर्वांचल एक्सप्रेस चार वर्ष में भी नहीं बना. प्रदेश में एक यूनिट बिजली का उत्पादन नहीं हुआ. उल्टे उसे महंगा कर दिया गया.’

(इनपुट: भाषा)