देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है और इसकी तैयारी में सभी पार्टियां जुट गई है। प्रदेश में गठबंधन की संभावना भी तलाशी जा रही है। सूबे के सत्ताधारी दल समाजवादी पार्टी भी चुनावों से पहले गठबंधन करने के मूड में नज़र आ रही है । शायद इसी लिए समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने कांग्रेस के रणनीतिकार प्रशांत किशोर से एक लंबी मीटिंग की। इस बैठक में अमर सिंह भी मौजूद थे। इससे पहले भी प्रशांत किशोर शिवपाल यादव से मुलाक़ात कर चुके है। सूत्रों की माने तो किशोर बिहार की तरह ही उत्तर प्रदेश में भी महागठबंधन करना चाहते है ताकि वोटों का बंटवारा होने से रोक सके। यह भी पढ़े: अखिलेश से मिलने की होड़ में मची भगदड़, कई लोग घायल

बता दें कि समाजवादी पार्टी की बातचीत नीतिश कुमार की जनता दल यूनाइटेड और अजित सिंह की पार्टी राष्ट्रीय लोक दाल से चल रही है। ये पार्टियां राज्य में एकसाथ चुनाव लड़ने का मन बना रहे है। उत्तर प्रदेश में कुनबी समाज के काफी वोटर रहते है ऐसे में नीतीश कुमार से गठबंधन कर मुलायम कुनबी समाज को लुभाने की कोशिश करेंगे।

कांग्रेस की स्थिति भी इस समय अच्छी नज़र नहीं आ रही है। राहुल गांधी की किसान यात्रा से पार्टी में जान ज़रूर आई है मगर अपने दम पर चुनाव जीतना लगभग असंभव ही है। सपा से ज़्यादा इन्हें राज्य में एक साथी की ज़रूरत है।

अगर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और जेडीयू एक साथ चुनाव लड़ते है तो ये मायावती और बीजेपी दोनों के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। बीएसपी उम्‍मीद कर रही है मुस्लिम और दलित मतों के सहारे वह सत्‍ता पर दोबारा काबिज़ हो जाये। वहीं भाजपा सपा के गैर यादव ओबीसी वोटों के सहारे मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रही है। दोनों के लिए सपा-कांग्रेस गठबंधन परेशानी का सबब बन सकता है।

ज्ञात हो की पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन का फार्मूला कामयाब रहा था। नीतीश, लालू और कांग्रेस ने मिलकर राज्य में बीजेपी को सत्ता से दूर रखा था। शुरुवात में मुलायम सिंह भी इस गठबंधन का हिस्सा थे मगर लेकिन बाद में सीटों के मुद्दे पर अलग हो गए थे। उस समय रामगोपाल यादव ने गठबंधन से अलग होने का पक्ष लिया था।