नई दिल्ली: यूपी के इटावा जिले में एक बीजेपी नेता ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojna) का लाभ नहीं मिलने पर ज़हर खा लिया. बीजेपी नेता को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. इससे हड़कंप मच गया. भारतीय जनता पार्टी की जिला ईकाई के जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह धाकरे ने कहा कि जान देने वाले बीजेपी नेता युवा थे. वह बेरोजगार होने के चलते परेशान थे. Also Read - Bihar Assembly Election 2020: भाजपा के मेनिफेस्टो पर मचा बवाल, तो BJP ने किया पलटवार

हिंदी दैनिक अख़बार अमज उजाला की खबर के अनुसार, ये घटना इटावा के सैफई की. सैफई उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का गाँव हैं. सैफई खूब चर्चाओं में रहा है. सैफई के क्षेत्र में रहने वाले बीजेपी के सैफई ग्रामीण मंडल के मंत्री प्रमोद यादव काफी समय से भाजपा से जुड़े हुए थे. बताया जा रहा है कि गाँव में उनके परिवार को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल रहा था. सत्ताधारी दल का पदाधिकारी होने के बाद भी योजना का लाभ नहीं मिल पाया. इससे बीजेपी नेता प्रमोद काफी समय से परेशान थे. Also Read - बिहार में मुफ्त वैक्सीन बांटने के वादे पर राहुल गांधी का बीजेपी पर हमला, RJD बोली- इसमें भी चुनावी सौदेबाजी, छी-छी

इससे परेशान होने होकर प्रमोद यादव ने ज़हर खा लिया. प्रमोद को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया, जहां प्रमोद ने दम तोड़ दिया. बीजेपी ने इटावा के जिलाध्यक्ष अजय प्रताप सिंह धाकरे के अनुसार प्रमोद बेरोजगारी और आवास नहीं मिलने पर परेशान थे. वह आवास के लिए कई महीने से चक्कर लगा रहे थे. इसको लेकर घर में भी कहा-सुनी हुई और बीजेपी नेता ने ये कदम उठा लिया. Also Read - Bihar Assembly Election: बिहार में कोरोना वैक्सीन मुफ्त बांटने के वादे से बवाल, बीजेपी के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत

35 साल के युवा नेता प्रमोद यादव के दो बच्चे हैं. इनकी परिवरिश को लेकर भी वह परेशान रहते थे. सैफई के एसओ चंद्रदेव यादव का कहना है कि बीजेपी नेता प्रमोद यादव ने घरेलू कलह से तंग आकर जान दी है.