लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के 2020- 21 के बजट में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार पर खास जोर दिया गया है. युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ ही मासिक प्रशिक्षण भत्ता देने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही अयोध्या में हवाईअड्डा बनाने के लिये 500 करोड़ रुपये और वाराणसी में संस्कृति केन्द्र के लिये 180 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. Also Read - Ayodhya में ट्रस्‍ट ने राम मंदिर से लगी जमीन खरीदी, 107 एकड़ का परिसर बनाने का प्‍लान

प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली योगी सरकार का यह चौथा बजट है. राज्य के कुल 5,12,860.72 करोड़ रुपये के इस बजट में 10,967.87 करोड़ रुपये नई योजनाओं के लिये रखे गये हैं. राज्य का यह अब तक का सबसे बड़ा बजट है. बजट को प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास, शिक्षा और रोजगार उपलब्ध कराने को समर्पित किया गया है. Also Read - Petrol Diesel Prices: बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम तो वकील ने जताई अनोखी इच्छा, प्रशासन हैरान

वर्ष 2020-21 के लिये कुल प्राप्तियां 5,00,558.53 करोड़ रुपये अनुमानित हैं. इनमें 4,22,567.83 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्तियां और 77,990.70 करोड़ रुपये की पूंजीगत प्राप्तियां शामिल हैं. बजट में 12,302.19 करोड़ रुपये का घाटा अनुमानित है. Also Read - Tandav: Amazon को HC की फटकार- देवी-देवताओं का मजाक अभिव्यक्ति नहीं, जमानत याचिका खारिज

राज्य के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 2020- 21 का यह बजट राज्य विधानसभा में पेश करते हुये कहा कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिये ‘मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना’ तथा ‘युवा उदयमिता विकास अभियान’ शुरू किया जायेगा.

खन्ना ने बताया कि प्रदेश के युवाओं को उद्योगों और एमएसएमई इकाईयों में रोजगार में रहते हुये प्रशिक्षण दिया जायेगा. इस दौरान उन्हें निश्चित अवधि के रोजगार से जोड़ने के उददेश्य से हमारी सरकार वित्तीय वर्ष 2020- 2021 से ‘मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रोत्साहन योजना’ को प्रारंभ करने जा रही है. योजना के क्रियान्वयन में युवाओं को उद्योगों में प्रशिक्षण के साथ मासिक प्रशिक्षण भत्ता दिया जायेगा.

उन्होंने बताया कि युवाओं को मिलने वाले कुल भत्ते में से 1,500 रूपये केंद्र सरकार द्वारा तथा 1,000 रूपये प्रतिमाह की धनराशि राज्य सरकार देगी. इसके अलावा संबंधित उद्योग भी इसमें अपना योगदान करेगा. इस योजना के लिये 100 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

खन्ना ने बताया कि प्रदेश के लाखों की संख्या में प्रशिक्षित युवाओं को युवा उदयमिता विकास अभियान (युवा) के तहत रोजगार से स्वालंबन की ओर बढ़ाने के लिये अभिनव पहल की गयी है. प्रदेश के प्रत्येक जिले में वृहद युवा केन्द्र स्थापित किया जायेगा जो इच्छुक युवाओं को परियोजना परिकल्पना से लेकर एक वर्ष तक परियोजनाओं को वित्तीय मदद के साथ संचालन में सहायता उपलब्ध करायेगा. इस तरह के युवा केन्द्रों के माध्यम से यह योजनायें समेकित रूप से क्रियान्वित की जायेंगी. योजना एक लाख से अधिक युवाओं को स्वालंबन की ओर ले जायेगी. प्रत्येक जिले में युवा केन्द्रों के लिये 50 करोड. रूपये का प्रावधान प्रस्तावित है.

अयोध्या में उच्च स्तरीय पर्यटक अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 85 करोड़ रखे गये हैं. जबकि अयोध्या में हवाई अड्डा बनाने के लिये 500 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है. वहीं, तुलसी स्मारक भवन के नवीकरण के लिए 10 करोड रूपये का प्रावधान बजट में किया गया है. खन्ना ने कहा कि वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ रूपये का प्रस्ताव है जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 200 करोड रूपये का प्रावधान किया गया है.

बजट में मेट्रो नेटवर्क, हवाई अड्डों और एक्सप्रेस वे विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है. इसके अलावा मार्च 2021 तक गरीबों के लिये चार लाख मकानों के निर्माण का भी लक्ष्य रखा गया है. कानपुर मेट्रो के लिये 358 करोड़ रूपये, आगरा मेट्रो के लिये 286 करोड़ रूपये, गोरखपुर तथा अन्य शहरों में मेट्रो रेल के लिये 200 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है.

बजट में मेरठ से प्रयागराज तक लगभग 637 किलोमीटर के देश के सबसे लम्बे गंगा एक्सप्रेस— वे के निर्माण का निर्णय लिया गया है. परियोजना के लिये 2,000 करोड़ रूपये प्रस्तावित हैं. इसी तरह गौतमबुद्धनगर के जेवर में ‘नोएडा इंटरनेशनल ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट’ के लिये बजट में 2,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं.

वित्त मंत्री खन्ना ने बताया कि बजट में तेजाब हमले, बलात्कार, मानव तस्करी तथा हत्या प्रकरणों में पीड़ितों की आर्थिक सहायता के लिये एक मुआवजा कोष योजना ‘सेंट्रल विक्टिम कंपनसेशन फंड स्कीम’ का प्रस्ताव किया गया है जिसके लिये 28 करोड़ रूपये रखे गये हैं.

उन्होंने कहा कि ‘हमारी सरकार ने कानून—व्यवस्था पर जीरो टालरेंस की नीति अपनाई है. कानून के डर से बड़ी संख्या में अपराधी आत्मसमर्पण कर अथवा खुद जमानत निरस्त कर जेल गये हैं. मार्च 2017 से नवंबर 2019 तक की अवधि में पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुये बड़ी संख्या में अवैध आग्नेयास्त्र, कारतूस, बम और 615 अवैध शस्त्र फैक्ट्री पकड़ी गयी.’ वित्त मंत्री ने कहा कि प्रदेश की जनता को पुलिस की विभिन्न सेवायें सरलता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यूपीकॉप मोबाइल एप बनाया गया है जिसमें 28 सेवाओं का समावेश किया गया है. इस एप को पांच लाख से अधिक लोगों द्वारा डाउनलोड किया जा चुका है. साइबर अपराध पर नियंत्रण के लिये गौतमबुद्धनगर और लखनऊ में साइबर थाने क्रियाशील हैं तथा प्रदेश के अन्य परिक्षेत्रीय कार्यालयों में 16 सायबर थाने स्थापित करने का निर्णय लिया गया है.

महिलाओं की सुरक्षा के लिये दिसम्बर 2019 से सुरक्षा कवच योजना आरंभ की गयी है. कामकाजी महिलाओं तथा महिला यात्रियों द्वारा रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक 112 नंबर पर डायल कर पुलिस की सुरक्षा की मांग किये जाने पर पुलिस द्वारा उनके गंतव्य तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गयी है. इस हेतु 300 पीआरवी में दो—दो महिलायें शिफ्ट में नियुक्त की गयी हैं.

खन्ना ने बताया कि पुलिस विभाग भवनों के निर्माण के लिये 650 करोड़ रूपये तथा आवासीय भवनों के निर्माण के लिये 600 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गई है. पुलिस बल आधुनिकीकरण योजना के लिये 122 करोड़ रूपये रखे गये हैं. विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण के वास्ते 60 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. सेफ सिटी लखनऊ योजना के लिये 97 करोड़ रूपये रखे गये हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस फोरेंसिक यूनिवर्सिटी की स्थापना के लिये 20 करोड़ रूपये की व्यवस्था की गयी है.

वित्त मंत्री ने कहा कि कर्तव्य पालन के दौरान शहीद अथवा घायल पुलिस एवं अग्निशमन सेवा के कर्मचारियों के परिवारों को अनुग्रह भुगतान हेतु 27 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है. बजट में छात्र पुलिस कैडेट योजना के लिये 14 करोड़ रूपये का प्रावधान है. महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों से बचाव को तीन करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

बजट में अल्पसंख्यक कल्याण के लिये भी कई महत्तवपूर्ण घोषणायें की हैं. प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल तथा मूलभूत अवस्थापना सुविधाओं में सुधार के लिये 783 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त मदरसों और मकतबों (पुस्तकालय) में धार्मिक शिक्षा के साथ साथ आधुनिक विषयों की शिक्षा की सुविधा प्रदान किये जाने के उददेश्य से 479 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित है.