लखनऊः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से रविवार रात कुछ देर घरों की बिजली बंद कर दीये और अन्य तरह से रोशनी करने के आह्वान के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इसकी वजह से ग्रिड फेल होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि विभाग ने स्थिति से निपटने के लिए कार्ययोजना बना ली है. प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने शनिवार को एक बयान में कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं कि रविवार रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों की ट्यूबलाइट और बल्ब बंद करने से ग्रिड फेल हो जाएगा. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

उन्होंने कहा, “सेंट्रल लोड डिस्पैच सेंटर यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी राज्य की ग्रिड पर कोई संकट ना हो. उत्तर प्रदेश में हमारे इंजीनियर यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कहीं किसी तरह की कोई कठिनाई न आए. उसके लिए हमने रोडमैप तैयार किया है.” शर्मा ने कहा, “हम अपील करते हैं कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर आप सभी लोग रविवार रात अपने घरों में नौ मिनट के लिए ट्यूब लाइट और बल्ब बंद कर एकजुटता का परिचय दें और कोरोना वायरस रूपी राक्षस को हम प्रकाश से चुनौती देकर परास्त करें.” इस बीच, ऊर्जा विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि रविवार रात नौ बजे कुछ देर के लिए ट्यूबलाइट और रोशनी देने वाले अन्य उपकरण बंद किए जाने से लगभग 300 मेगावाट बिजली की खपत अचानक कम होगी. मगर यह कोई चिंता की बात नहीं है. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

उन्होंने बताया कि प्रदेश की सभी बिजली उत्पादन एवं वितरण इकाइयों को इस बारे में निर्देश दे दिया गया है. उत्पादन इकाइयों से कहा गया है कि वे रविवार को अपना लोड कम रखें और वितरण इकाइयों को निर्देश दिया गया है कि वे रविवार रात आठ बजे के बाद चरणबद्ध तरीके से बिजली कटौती करें ताकि रात नौ बजे जब प्रधानमंत्री की अपील पर अमल हो तो लोड अचानक कम ना हो जाए.

सूत्रों ने बताया कि प्रदेश में पिछले वर्षों के मुकाबले अप्रैल माह में बिजली की खपत जहां लगभग 14000 मेगावाट होती थी वहीं इस बार यह लगभग आधी ही है. ऐसे में बिजली कंपनियां पहले से ही कमर कसकर तैयार हैं. इधर, ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने बताया कि प्रदेश में ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं बनी. उन्होंने बताया कि हालांकि ऐसे हालात को संभालना कोई मुश्किल काम नहीं है लेकिन इसके लिए बेहतर तालमेल से काम करना पड़ेगा.