मेरठ: कठुआ रेप केस आरोपी व मेरठ के चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट रहा विशाल जंगोत्रा द्वारा फर्जी तरीके से किसी और अपनी परीक्षा दिलवाए जाने के मामले की जांच की जाएगी. आरोप है कि विशाल ने फर्जी एडमिट कार्ड बनाकर किसी और से अपनी परीक्षा दिलवाई थी. इसकी जांच के लिए यूनिवर्सिटी ने कमेटी गठित कर दी है. जब ये घटना हुई उस समय विशाल परेक्षाएं दे रहा था. इसी बीच वह कठुआ पहुंच गया, लेकिन इसके बाद भी उसकी परीक्षा हो गई. उसकी अनुपस्थिति नहीं लगी.Also Read - उच्च न्यायालय ने सरकार से पूछा, "उत्तर प्रदेश की अदालतों में सुरक्षा उपलब्ध कराने में कितना समय लगेगा"

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तीन सदस्यीय समिति करेगी जांच Also Read - सरकारी नौकरी पानी है तो करने होंगे 'दहेज विरोधी' हलफनामे पर हस्ताक्षर, दहेज प्रथा को रोकने के लिए नई पहल

विशाल मेरठ यूनिवर्सिटी से संबद्ध मीरापुर मुजफ्फरनगर में स्थित आकांक्षा कॉलेज में बीएससी (एग्रीकल्चर) प्रथम वर्ष का स्टूडेंट है. बताया जा रहा है कि विशाल ने अपनी जगह किसी से परीक्षा दिलवा दी. सभी स्टूडेंट्स के एडमिट कार्ड पर रंगीन फोटो लगा है, जबकि विशाल के एडमिट कार्ड पर ब्लैक एंड वाइट फोटो है. जम्मू पुलिस का कहना था कि विशाल ने अपनी परीक्षा किसी और से दिलवाई थी. एडमिट कार्ड बनाने में फर्जीवाड़े की आशंका जताई गई थी. जांच के लिए पहुंची एसआईटी ने भी ये दावा किया था. यूनिवर्सिटी के वीसी प्रफेसर एनके तनेजा के अनुसार यूनिवर्सिटी के परीक्षा में विशाल और उसके साथियों की जगह किसी और के बैठने के आरोपों की जांच की जाएगी. इसके लिए तीन सदस्यीय समिति बना दी गई है.

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रेप के लिए मेरठ से गया था कठुआ

बता दें कि कठुआ में आठ साल की बच्ची के साथ हुए गैंगरेप का एक आरोपी विशाल जंगोत्रा है. जम्मू पुलिस का कहना था कि विशाल को बच्ची से रेप के लिए मेरठ से पिता और मामले के मुख्य आरोपी संजी राम द्वारा कठुआ बुलाया गया था. विशाल के परिजनों ने दावा किया था कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में जब आठ वर्षीय बच्ची का अपहरण, रेप और हत्या हुई उस समय विशाल मुजफ्फरनगर में सेमेस्टर परीक्षाएं दे रहा था.