उत्तर प्रदेश के बलिया में उस समय अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई, जब BJP सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ( Virendra Singh Mast) और BJP विधायक सुरेंद्र सिंह (Surendra Singh) आपस में भिड़ गए. एक सरकारी बैठक में दोनों के समर्थकों के बीच खासी गरमा-गरमी हो गई. बलिया जिले के बैरिया क्षेत्र के विधायक सुरेंद्र सिंह ने अपने आवास पर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए बलिया से भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त पर तीखे हमले किये और उन्हें ‘भूमाफिया’ करार दिया.Also Read - UP Polytechnic Exams 2022: यूपी पोलिटेक्‍निक ऑड सेमेस्‍टर परीक्षा पोस्‍टपोन, 22 जनवरी से शुरू होने वाला है नया सेमेस्‍टर

सिंह ने आरोप लगाया कि सांसद ने स्वयं और अपने बेटे तथा भाई एवं भतीजे के नाम पर बैरिया क्षेत्र के बाबा के शिवपुर गांव के विजय बहादुर सिंह की 18 एकड़ से ज्यादा भूमि धोखाधड़ी के जरिये हथिया ली है. उन्होंने हालांकि अपने आरोप के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं दिये. विधायक सुरेंद्र सिंह द्वारा भूमाफिया करार दिए जाने के आरोप पर भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने उनका नाम लिये बगैर एक कार्यक्रम में कहा कि वह उत्तर प्रदेश के सबसे शक्तिशाली सांसद हैं और अगर वह खामोश हैं तो इसे उनकी कमजोरी न समझा जाए. Also Read - UP News: उत्‍तर प्रदेश स्‍कूल और कॉलेज 23 जनवरी तक रहेंगे बदं, कोविड के कारण बढी पाबंद‍ियां

उन्होंने कहा, ‘सभी को पता है कि उन लोगों के साथ क्या हुआ जिन्होंने अन्य के काम में बाधा उत्पन्न की. मैं यहां पर पिछले पांच से छह महीने से हूं और सब कुछ देख रहा हूं.’ उन्होंने सिंह पर परोक्ष तौर पर कटाक्ष करते हुए कहा, ‘समाज में नफरत फैलाकर कोई समाज का भला नहीं कर पाता है. मैं नहीं बोलता हूं तो इसका मतलब यह हरगिज नहीं है कि मैं डरता हूं.’ Also Read - UP Election 2022: अयोध्या-मथुरा नहीं, गोरखपुर से चुनाव लड़ेंगे सीएम योगी, सिराथू से केशव मौर्य, मायावती ने कही ये बात...

सुरेंद्र सिंह के आरोप पर BJP सांसद मस्त के निजी सचिव अमन सिंह ने कहा कि भाजपा विधायक मानसिक रूप से दिवालिया हो गए हैं. उन्होंने कहा कि सिंह को मीडिया के समक्ष आरोप लगाने के बजाय कानून के प्रावधान के तहत लड़ाई लड़नी चाहिए. सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि जिलाधिकारी एच. पी. शाही सत्ता के दबाव में डरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि वह सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और जिलाधिकारी शाही की ‘बुद्धि-शुद्धि’ के लिए जिलाधिकारी कार्यालय पर जल्द ही 101 घंटे का उपवास करेंगे.

इसी तनातनी के बीच बुधवार की दोपहर जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त और पार्टी विधायक सुरेन्द्र सिंह में नोकझोंक के बाद दोनों के समर्थकों के बीच भिड़ंत हो गई. बैठक में मौजूद सूत्रों के अनुसार बैठक की अध्यक्षता कर रहे सांसद मस्त ने अधिकारियों से विकास कार्यक्रमों को लेकर ब्यौरा मांगा, तभी भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह अपनी बात कहने लगे, सांसद ने विधायक को रोका तो बैठक में मौजूद भाजपा सांसद के एक समर्थक ने कुछ टिप्पणी कर दी.

सूत्रों ने बताया कि यह टिप्पणी भाजपा विधायक को नागवार गुजरी और वह बैठक का बहिष्कार करके बाहर निकल गए. सूत्रों के अनुसार बाहर निकलते समय सांसद और विधायक के समर्थकों के बीच नोकझोंक और झड़प हुई. बैठक का बहिष्कार करने के बाद BJP विधायक सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में सूची के अनुसार ही जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी मौजूद होते हैं लेकिन सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने मनमानी करते हुए बैठक में अनाधिकृत लोगों को बैठा दिया.’

उन्होंने कहा, ‘मैं बैठक में भाजपा सांसद मस्त द्वारा बाबा के शिवपुर ग्राम के विजय बहादुर सिंह की भूमि हड़पने का मसला उठाना चाहता था.’ वहीं, सांसद ने कहा कि बैठक व्यवस्था के जरिये संचालित होती है. उन्होंने कहा कि बैठक में भाजपा विधायक अधिकारियों पर गलत काम करने के लिए दबाव बना रहे थे, जिस पर उन्हें रोका गया. एक सवाल के जवाब में मस्त ने कहा, ‘मुझे अच्छी तरह मालूम है कि बैठक में किसे बुलाना है और किसे नहीं? मुझे सुरेंद्र सिंह नहीं सिखा सकते कि बैठक का संचालन किस तरह किया जाए.’

(इनपुट: भाषा)