नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर इन दिनों उत्तर प्रदेश पुलिस (Uttar Pradesh Police) के एक सिपाही की शादी का कार्ड काफी तेजी से वायरल हो रहा है. दरअसल, मथुरा (Mathura) सदर में तैनात सिपाही की शादी का यह कार्ड इसलिए सुर्खियों में बना हुआ है, क्योंकि उसे अपनी ही शादी में जाने के लिए सोशल मीडिया (social media) का सहारा लेना पड़ा है. आपको यह सुनकर अजीब लग रहा होगा, लेकिन यशवेंद्र नाम के इस सिपाही को अपनी ही शादी के लिए छुट्टी नहीं मिल रही थी, जिसके चलते उसने ऐसा कदम उठाया. Also Read - Sarkari Naukri UPPRPB Recruitment 2021 यूपी पुलिस में इन पदों पर निकली बंपर वैकेंसी, जल्द करें आवेदन, मिलेगी अच्छी सैलरी

मिली जानकारी के मुताबिक, यशवेंद्र की तैनाती 31 जनवरी को डिफेंस एक्सपो की ड्यूटी के लिए लखनऊ (Lucknow) में की गई है और डिफेंस एक्सपो (Defense expo) 5 से 9 फरवरी तक चलने वाला है. ऐसे में ग्वालियर (Gwalior) के जरयाई चिरगांव निवासी यशवेंद्र को अपनी ही शादी में जाने के लिए कड़ी जद्दोजहद करनी पड़ रही है, क्योंकि उसकी शादी आने वाली 8 फरवरी को है. ऐसे में सिपाही ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए अपनी शादी का कार्ड ट्वीट करते हुए अपनी परेशानी भी बताई है. जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. Also Read - यूपी: दहेज के लिए कर दी पत्नी और दो बच्चों की हत्या, कोर्ट ने पति सहित 6 लोगों को सुनाई उम्रकैद

वहीं सिपाही को छुट्टी ना मिलने पर सदर थाना के इंस्पेक्टर सतपाल का कहना है कि सिपाही ने उन्हें अपनी शादी से संबंधित कोई जानकारी नहीं दी थी और ना ही अपने किसी साथी को इस बारे में बताया था कि उसकी शादी आठ फरवरी को है. यशवेंद्र ने लखनऊ पहुंचने के बाद ही उन्हें फोन किया और बताया कि 8 फरवरी को उसकी शादी है, जिसके लिए उसे छुट्टी चाहिए. इस पर सतपाल ने सिपाही से पूछा कि उसने आमद करा दी है या नहीं? यशवेंद्र ने उन्हें बताया कि आमद करा दी है. जिसके बाद अब वह यशवेंद्र की जगह दूसरा सिपाही लखनऊ भेज रहे हैं. Also Read - मध्य Railway की लोगों से अपील, ट्रेनों में भीड़ की फर्जी वीडियो को ना शेयर करें लोग

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे शादी के कार्ड के साथ DGP UP, मथुरा पुलिस, एडीजी जोन आगरा और यूपी पुलिस को टैग करते हुए ट्वीट किया गया है- “खुद की शादी के लिए भी छुट्टी नहीं मिली, आखिर सिपाही क्या करें, यशवेंद्र की शादी दिनांक 08/02/20 को है और भेज दिया गया लखनऊ.”