उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए राहत भरी खबर, वापस होगा 102 करोड़ रुपये का बिजली का बिल, जानिए कैसे लौटाया जाएगा

यह 102 करोड़ रुपये का रिफंड न केवल आर्थिक राहत प्रदान करेगा, बल्कि उपभोक्ताओं का बिजली विभाग पर विश्वास भी बढ़ाएगा. नए साल में यह उपभोक्ताओं के लिए एक सकारात्मक शुरुआत है.

Published date india.com Updated: January 3, 2026 11:32 AM IST
नए साल में सकारात्मक शुरुआत
नए साल में सकारात्मक शुरुआत

उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए नए साल 2026 की शुरुआत एक बड़ी राहत भरी खबर लेकर आई है. प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम्स) उपभोक्ताओं से विभिन्न शुल्कों में अधिक वसूली गई करीब 102 करोड़ रुपये की राशि वापस करने जा रही हैं. यह फैसला उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) के सख्त निर्देशों के बाद लिया गया है, जिसने जांच में पाया कि डिस्कॉम्स ने तय दरों से अधिक चार्ज वसूले थे. यह राशि मुख्य रूप से नए कनेक्शन, स्मार्ट मीटर शुल्क, अतिरिक्त सुरक्षा जमा या अन्य मदों से जुड़ी अधिक वसूली से संबंधित है.आयोग की जांच से सामने आया कि बिजली कंपनियों ने उपभोक्ताओं से निर्धारित शुल्क से ज्यादा रकम ली थी, जो नियमानुसार गलत था. UPERC ने इसे गंभीर लापरवाही माना और पूरी अतिरिक्त राशि को उपभोक्ताओं को लौटाने का आदेश दिया.

उपभोक्ता हितों की रक्षा

यह कदम उपभोक्ता हितों की रक्षा करने वाला है और प्रदेश के लाखों घरेलू, व्यावसायिक तथा औद्योगिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ पहुंचाएगा. खासकर आम घरेलू उपभोक्ता, जो लंबे समय से बढ़ते बिजली बिलों और अतिरिक्त चार्ज से परेशान थे, उन्हें इससे काफी राहत मिलेगी.

रिफंड की प्रक्रिया काफी सरल

रिफंड की प्रक्रिया काफी सरल रखी गई है. उपभोक्ताओं को यह रकम नकद में नहीं दी जाएगी, बल्कि आने वाले बिजली बिलों में समायोजन (एडजस्टमेंट) के रूप में लौटाई जाएगी. इससे अगले कुछ बिलों में राशि कम होकर आएगी, जिससे उपभोक्ताओं का मासिक बोझ घटेगा. डिस्कॉम्स ने इस प्रक्रिया को जनवरी 2026 से ही शुरू कर दिया है, ताकि नए साल की शुरुआत से ही उपभोक्ताओं को फायदा मिलना शुरू हो जाए.

स्मार्ट मीटर की दरों में कटौती

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रदेश में बिजली टैरिफ में कोई वृद्धि नहीं की गई है और अन्य राहत योजनाएं भी चल रही हैं. उदाहरण के लिए, हाल ही में स्मार्ट मीटर की दरों में कटौती की गई थी, जिससे पहले भी कुछ रिफंड हुए थे. लेकिन यह 102 करोड़ का रिफंड अलग से विभिन्न अधिक वसूलियों को कवर करता है. UPERC का यह कदम पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देता है, जिससे बिजली कंपनियों पर उपभोक्ताओं के हितों का ध्यान रखने का दबाव बढ़ेगा.

प्रदेश में यूपीपीसीएल (UPPCL) के अधीन पांच प्रमुख डिस्कॉम्स — पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल और कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (केस्को) — काम करती हैं. ये सभी इस रिफंड को लागू करेंगी. यदि उपभोक्ता को लगता है उसके बिल में अनुचित वसूली है, तो UPPCL की आधिकारिक वेबसाइट uppcl.org या हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करें.

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