लखनऊ: उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अयोध्या में मस्जिद निर्माण के लिए इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट के नौ सदस्यों के नामों की घोषणा कर दी है. यह ट्रस्ट कुल 15 सदस्यीय है, जिसमें छह सदस्यों की घोषणा बाद में की जाएगी. सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुकी ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं, जबकि अतहर हुसैन मस्जिद निर्माण ट्रस्ट के सचिव बनाए गए हैं. कोषाध्यक्ष ट्रस्ट के फैज आफताब मस्जिद निर्माण बनाए गए हैं. मोहम्मद जुनैद सिद्दीकी, शेख सैदुज्जम्मान, मोहम्मद राशिद इमरान अहमद ट्रस्ट के सदस्य होंगे. इसके साथ ही मस्जिद निर्माण ट्रस्ट के सचिव अतहर हुसैन ट्रस्ट के आधिकारिक प्रवक्ता भी होंगे. Also Read - 21 मई से उत्तर प्रदेश के सभी राशन कार्ड धारकों को मिलेगा मुफ्त राशन, नहीं दिया जाएगा चना

सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर अहमद फारूकी ने बताया कि आवंटित की गई पांच एकड़ जमीन पर मस्जिद, रिसर्च सेंटर, लाइब्रेरी और अस्पताल के निर्माण के लिए ‘इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन’ नाम से एक ट्रस्ट बनाया गया है. इसमें कुल नौ सदस्य होंगे. Also Read - पिछले 10 साल से कब्रिस्तान और श्मशान से कफन चुराकर बेच रहा था गैंग, सात लोग गिरफ्तार

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फारूकी ने कहा था कि वह न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हैं और बोर्ड का इस फैसले को चुनौती देने का कोई विचार नहीं है. केंद्र के राम मंदिर ट्रस्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या से करीब 22 किलोमीटर दूर रौनाही में सुन्नी वक्फ बोर्ड को 5 एकड़ जमीन देने का ऐलान किया था. Also Read - इन दस राज्यों में कोविड-19 के 71 फीसदी से ज्यादा नए मामले, महाराष्ट्र और कर्नाटक सबसे आगे

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल नौ नवंबर को श्रीराम जन्मभूमि विवाद में फैसला सुनाते हुए विवादित स्थल पर श्रीराम मंदिर का निर्माण करने और मुस्लिमों को मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में किसी अन्य स्थान पर पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था. इसके अनुपालन में अयोध्या जिले की सोहावल तहसील स्थित धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड को दी गई थी. इस पांच एकड़ भूमि पर अस्पताल, विद्यालय, इस्लामिक कल्चरल गतिविधियां बढ़ाने वाले संस्थान और लाइब्रेरी बनाने के साथ ही सामाजिक गतिविधियां बढ़ाने वाले कार्यक्रम संचालित होंगे.