लखनऊ/देहरादून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के शीर्ष नेताओं ने उत्तराखंड में स्थानीय निकाय चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं की उनके प्रयासों के लिए सराहना की है. उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि नगर निकाय चुनावों में भाजपा ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है, जो दिखाता है कि राज्य की जनता ने विपक्ष के राजनीतिक षड्यंत्र के बावजूद जनता ने भाजपा पर अपना विश्वास जताया है और सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल को अपना समर्थन दिया है.

 

प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया कि उत्तराखंड ने एक बार फिर भाजपा का समर्थन किया. मैं राज्य के लोगों को उनके आशीर्वाद के लिए धन्यवाद देता हूं जिनकी वजह से हमारी पार्टी को स्थानीय निकाय चुनावों में प्रभावशाली जीत मिली. मैं स्थानीय इकाई को उनकी कड़ी मेहनत और प्रयासों के लिए बधाई देता हूं जिससे यह जीत संभव हो सकी. भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ ही मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत और राज्य इकाई के अध्यक्ष अजय भट्ट को बधाई दी. बता दें कि उत्‍तराखंड निकाय चुनाव में कुल 83 मेयर और अध्यक्ष पद पर घोषित चुनाव नतीजों में से 34 पर भाजपा, 25 पर कांग्रेस, 23 निर्दलीय एवं एक सीट पर बसपा ने जीत दर्ज की है. पार्षद पदों पर भी भाजपा के 323 पार्षद जीते हैं और 500 से अधिक निर्दलीय जीतकर आये हैं .

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भाजपा का प्रदर्शन सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल को जनता का समर्थन
निकाय चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड के इतिहास में पहली बार रिकार्ड सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की है. उन्होंने कहा कि इस बार नगर निगमों में सात में से पांच में भाजपा जीती है. विपक्ष द्वारा तरह—तरह के राजनीतिक षड्यंत्र अपनाये गये लेकिन विषम परिस्थितियों में भी उत्तराखण्ड की जनता ने भाजपा पर अपना विश्वास जताया है. सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल को भी जनता ने अपना समर्थन दिया है.

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निकाय चुनावों में स्थानीय मुद्दे हावी
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि निकाय चुनावों में स्थानीय मुद्दे हावी होते हैं. उन्होंने कहा कि विशेषकर वार्डों के चुनाव स्थानीय होते हैं और पार्षद पद पर जीत उसके व्यक्तिगत संपर्क तथा व्यवहार पर भी निर्भर करती है जबकि पालिका अध्यक्ष एवं मेयर के चुनाव कहीं न कहीं पार्टी से प्रभावित होते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि तमाम विधानसभा एवं लोकसभा के चुनावों को देखें तो निर्दलीयों को दो—तीन सीटों से ज्यादा कभी नहीं मिलीं. लेकिन इस बार इतनी बड़ी संख्या में निर्दलीयों की संख्या से स्पष्ट है कि पार्षदों के चुनाव स्थानीय होते हैं और इन पर स्थानीयता हावी रहती है लेकिन एक राजनीतिक दल के नाते भाजपा सर्वाधिक सीट जीतकर आयी है. (इनपुट एजेंसी)