लखनऊ/देहरादून: उत्तराखंड विधानसभा में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि टिहरी झील में साहसिक खेलों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार देने के लिए 48 लाइसेंस जारी किये जा चुके हैं.

धनोल्टी के विधायक प्रीतम सिंह पंवार द्वारा पूछे गये एक सवाल के जवाब में महाराज ने कहा कि झील में साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजित करने के लिए टिहरी विशेष क्षेत्र पर्यटन विकास प्राधिकरण द्वारा अब तक 48 लाइसेंस जारी किये जा चुके हैं. यह पूछे जाने पर कि केवल अब तक 48 लाइसेंस ही क्यों जारी किये गये, मंत्री ने इसके लिए उत्तराखंड उच्च न्यायालय द्वारा इस साल जून में राज्य में व्हाइट वाटर रिवर राफ्टिंग और अन्य साहसिक खेल गतिविधियों पर रोक लगाये जाने को इसका कारण बताया.

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टिहरी झील को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने की योजना
हालांकि, उन्होंने कहा कि अब प्रतिबंध हटने के बाद झील में राफ्टिंग और कयाकिंग समेत सभी साहसिक खेल गतिविधियों को विकसित करने के लिए और लाइसेंस दिये जायेंगे. उच्च न्यायालय ने गत सप्ताह 12 सितंबर को इस शर्त से प्रतिबंध हटाया है कि रिवर राफ्टिंग जैसी साहसिक खेल गतिविधियां पूरी तरह से उत्तराखंड रिवर राफ्टिंग और कयाकिंग नियम—2014 के अनुसार संचालित की जायें. महाराज ने कहा कि टिहरी झील के नियोजित विकास और उसे अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र बनाने के लिए एक योजना तैयार की गयी है.