लखनऊ/देहरादून: उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत एवं केन्द्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने अतिहिमीकृत वीर्य उत्पादन केन्द्र श्यामपुर, ऋषिकेश में राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना के तहत ‘सैक्स सोर्टेड सीमेन प्रयोगशाला’ का शिलान्यास किया. सैक्‍स सीमन केन्द्र का राजकीय संस्थान स्‍थापित करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला होगा. जहां पर पशुओं में कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से मादा बछिया उत्पन्न किये जाने की तकनीक विकसित की जायेगी, जिसका सीधा लाभ राज्य के पशुपालकों के दुग्ध उत्पादन में वृद्धि एवं किसानों की आय दोगुनी करने में प्राप्त होगा.

इस अवसर पर हुए कार्यक्रम में उत्‍तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राष्ट्रीय गोकुल मिशन देशी नस्ल के गौ वंश का संरक्षण कर उनकी दुग्ध उत्पादकता को बढ़ाना है. ऋषिकेश में स्थापित की जा रही सीमेन प्रयोगशाला की इसमें महत्वपूर्ण भूमिका होगी. पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय वृद्धि के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है. राज्य सरकार का प्रयास है कि वर्ष 2021 तक ऐसी व्यवस्था कर ली जाए जिससे हमारे गौवंश सड़कों पर आवारा न घूमें बल्कि किसानों की आजीविका के साथी बनें। बद्री नस्ल की गायों की दुग्ध उत्पादकता बढ़ाने में कुछ सफलता प्राप्त हुई है. इसे और अधिक बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

उत्‍तराखंड में बैलून के जरिए मिलेगी इंटरनेट सेवा, एरोस्‍टेट तकनीक का इस्‍तेमाल करने वाला पहला राज्‍य बना

ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर स्थापित होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर का कन्वेंशन सेंटर स्थापित किया जाएगा. उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में लाने के गम्भीरता से प्रयास किए जा रहे हैं. पीएमजीएसवाई में राज्य में लक्ष्य से 200 किमी अधिक सड़क का निर्माण किया गया है. पर्वतीय गर्वमेंट ई मार्केट व बेस्ट फिल्म फ्रेंडली राज्य के रूप में भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया है. दुर्गम क्षेत्रों में इंटरनेट की उपलब्धता के लिए एयरोस्टेट बैलून का सफल परीक्षण किया गया है. उत्तराखण्ड पहला राज्य है जो इस तकनीक का उपयोग करने जा रहा है.

पशुपालन, गांव के विकास की रीढ़
केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने कहा कि केन्द्र सरकार किसानों के कल्याण के लिए पिछले 4 सालों में पूर्ण समर्पण के साथ कार्य कर रही है. सरकार के प्रयासों से देश के 700 से अधिक कृषि वैज्ञानिक लैब से निकलकर जमीनी परीक्षण के लिए फील्ड लेवल तक पहुंचाए हैं. उन्होंने कहा कि पशुपालन, गाँव की आर्थिकी की रीढ़ है. हमारा देश पशुपालन में पहले पायदान में होने के बावजूद यहां उत्पादकता में कमी है. हमें वार्षिक वृद्धि दर के साथ-साथ उत्पादन बढ़ाने पर जोर देना है.  इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचन्द अग्रवाल, सांसद डा. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, पशुपालन राज्य मंत्री रेखा आर्या एवं उच्च शिक्षा राज्य मंत्री डा. धन सिंह रावत भी उपस्थित थे.