लखनऊ: वाराणसी फ्लाइओवर हादसे में ढहे भाग के लोहे के बीम, सीमेंट, कंक्रीट और अन्य निर्माण सामग्रियों के नमूनों को ‘गुणवत्ता और मानक परीक्षण’ के लिए उत्तराखंड के आईआईटी-रुड़की भेजा गया है. एक अधिकारी ने गुरुवार को यह जानकारी दी. उधर, प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने पुल हादसे को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट तलब की है. कहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अलग-अलग एजेंसिया लगायी जाएं. साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि कहां और किस स्तर पर लापरवाही बरती गई है, इसकी पूरी पड़ताल हो ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे पर रोक लगायी जा सके. Also Read - मोदी सरकार का किसानों के लिए कर्ज माफ़ी का बड़ा प्लान, 1 लाख करोड़ के लोन होंगे माफ़!

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बता दें कि मंगलवार शाम को हुए इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी. कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह की अगुवाई में एक टीम ने भी कैंट रेलवे स्टेशन के सामने घटनास्थल का दौरा किया और प्रत्यक्षदर्शियों से मुलाकात की. इसके साथ ही टीम ने उत्तर प्रदेश ब्रिज कॉर्प और जिला प्रशासन के अधिकारियों से विस्तृत विचार-विमर्श किया और उसके बाद घटनास्थल की ड्रोन से फोटोग्राफी करवाई. टीम ने निलंबित अधिकारियों के.आर. सूदन, राजेश कुमार और मूलचंद से भी पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए. विभाग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि फ्लाइओवर हादसे में ढहे भाग के लोहे के बीम, सीमेंट, कंक्रीट और अन्य निर्माण सामग्रियों के नमूने लिए गए हैं. जांच टीम ने गुणवत्‍ता को परखने के लिए इसे उत्तराखंड के आईआईटी-रुड़की भेजा है. ताकि पुल निर्माण के दौरान बरती जा रही खामी सामने आ सके.

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पीएमओ सख्‍त, स्‍थानीय प्रशासन से मांगी जांच रिपोर्ट

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) वाराणसी पुल हादसे को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासन से रिपोर्ट मांगी है. पीएमओ की ओ से निर्देश दिए गए हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अलग-अलग एजेंसिया लगायी जाएं. साथ ही यह पता किया जाए कि कहां और किस स्तर पर लापरवाही बरती गई. पीएमओ के निर्देश के बाद ही केन्द्र, राज्य एवं जिला प्रशासन की पांच एजेंसियों ने अलग-अलग जांच शुरू कर दी है. कृषि उत्पादन आयुक्त राजप्रताप सिंह के नेतृत्व वाली तीन सदस्यीय टीम ने गुरुवार देर रात सीएम योगी आदित्यनाथ को जांच रिपोर्ट सौंप दी.