लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम वाराणसी में कैंट स्टेशन के सामने निर्माणाधीन पुल के एक हिस्से के गिरने से हुए हादसे की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की तीन सदस्यीय एक टीम गठित की है, जो 48 घंटे में रिपोर्ट सौंपेगी. मुख्यमंत्री ने पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. योगी ने वाराणसी हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य व जिला प्रशासन को हादसा प्रभावितों की हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं.Also Read - UP में पहले महिलाएं असुरक्षित महसूस करती थीं, अब देश में दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्‍य बना: अमित शाह 

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वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन के सामने बन रहे फ्लाईओवर का पिलर मंगलवार शाम को गिर गया. इसमें कई गाड़ियां चपेट में आई गईं. हादसे में 18 लोगों की मौत और 50 से अधिक घायल हुए हैं. हालांकि अधिकारियों ने इसकी पुष्टी नहीं की है. उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी वाराणसी रवाना पहुंचे थे. सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना की जांच के लिए मुख्यमंत्री ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम गठित की है, जिसमें कृषि उत्पादन आयुक्त आर.पी. सिंह, मुख्य अभियंता (सिंचाई) भूपेंद्र शर्मा एवं जल निगम के प्रबंध निदेशक राजेश मित्तल को नामित किया गया है. मुख्यमंत्री ने टीम को घटना की पूरी जांच व दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई प्रस्तावित करने एवं तकनीकी व अन्य सभी बिंदुओं पर रिपोर्ट देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया है.

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पूर्व मुख्‍यमंत्री अखिलेश यादव ने की ईमानदारी से जांच की मांग

सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने वाराणसी पुल हादसे पर दुख जताया है. साथ ही उन्‍होंने ट्वीट कर कहा कि वाराणसी में पुल के हादसे में लोगों को बचाने के लिए मैं वहां के अपने सभी कार्यकर्ताओं से अपील करता हूँ कि वे बचाव दल के साथ पूरा सहयोग करें और सरकार से ये अपेक्षा करता हूँ कि वो केवल मुआवज़ा देकर अपनी ज़िम्मेदारी से नहीं भागेगी बल्कि पूरी ईमानदारी से जांच करवायेगी.