अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में शाकाहारी भोजन करने वाले छात्रों ने सोमवार को आरोप लगाया कि उन्हें उसी तेल में तला हुआ भोजन दिया जाता है जिसमें मांसाहारी भोजन तला जाता है. हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस आरोप को सिरे से नकारा है. एएमयू के सर सैयद हॉल (उत्तर) के छात्रों ने कुलपति को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि उन्हें हाल में उसी तेल में तला हुआ भोजन दिया गया जिसमें पहले मांसाहारी भोजन तला गया था. उन्होंने छात्रावास के प्रोवोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

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यह विवाद रविवार को उस वक्त सामने आया जब भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के अध्यक्ष निखिल महेश्वरी ने एक बयान जारी किया जिसमें आरोप लगाया गया कि यह हिन्दू समुदाय के खिलाफ सोची समझी साजिश है. इस बारे में रविवार को एक लिखित शिकायत बन्ना देवी पुलिस थाने में दर्ज करायी गयी है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.

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एएमयू के प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने कहा कि प्रोवोस्ट ने प्रारंभिक जांच में पाया कि यह आरोप पूरी तरह से निराधार है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में सभी छात्रों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाता है और ऐसा विश्वविद्यालय के गठन के समय से होता आ रहा है. बता दें कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पिछले कुछ समय से विवादों में है. इससे पहले नाम बदले जाने और जिन्ना की तस्वीर को लेकर घमासान मचा रहा. अब ये नया विवाद सामने आया है.