नई दिल्ली/लखनऊ: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए एक कानून लाने के लिए सरकार से आग्रह करने और राजनीतिक दलों पर दबाव बनाने के मकसद से सभी संसदीय क्षेत्रों में सार्वजनिक रैलियां करेगी. यह बात विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कही.

कुमार ने फैजाबाद जिले का नाम बदलकर अयोध्या करने के उत्तर प्रदेश सरकार के निर्णय की प्रशंसा की और इसे राष्ट्रीय गौरव से जोड़ा. उन्होंने कहा कि दिल्ली में किंग्स रोड, क्वींस रोड था और एक हार्डिंग ब्रिज था. उसका नाम तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने बदलकर राजपथ, जनपथ और तिलक ब्रिज कर दिया. पुराने नामों को फिर से बहाल करना या भारत पर हमले करने वाले लोगों के नाम पर स्थानों के नाम बदलना राष्ट्रीय गौरव बहाल करने के लिए अच्छी बात है.

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फैजाबाद का नाम अयोध्‍या करने की सीएम योगी ने की घोषणा
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को फैजाबाद में एक जनसभा में घोषणा की थी कि फैजाबाद का नाम अयोध्या किया जाएगा. कुमार ने कहा कि वह धार्मिक और सामाजिक नेताओं से मिल रहे हैं जो अपने राज्यों के राज्यपालों से मिलकर उनसे कह रहे हैं कि लोग अयोध्या में राममंदिर चाहते हैं. उन्होंने कहा कि राज्यपालों ने हमें भरोसा दिया है कि वे इस बात को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक पहुंचाएंगे.

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तीन सार्वजनिक रैलियां 25 नवम्बर को नागपुर, अयोध्या और बेंगलुरू में
कुमार ने कहा कि हम सभी संसदीय क्षेत्रों में सार्वजनिक रैलियां करेंगे और सभी सांसदों से मिलेंगे और उन पर इसका दबाव बनाएंगे कि वे राममंदिर पर कानून का समर्थन करें. हम पहली तीन सार्वजनिक रैलियां 25 नवम्बर को नागपुर, अयोध्या और बेंगलुरू में करेंगे. पूरी चीज का समापन नौ दिसम्बर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी सार्वजनिक रैली में रूप में होगा.

31 जनवरी को इलाहाबाद में ‘धर्मसंसद’
उन्होंने कहा कि इन घटनाक्रमों के बारे में 31 जनवरी को इलाहाबाद में होने वाली ‘धर्मसंसद’ को अवगत कराया जाएगा और वहां आगे के कदम पर निर्णय किया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि ये (सार्वजनिक रैलियां) सरकार को एक विधेयक लाने के लिए बल देगी और अन्य दलों पर इसके लिए दबाव बनाएगी कि वे उसका समर्थन करें या कम से कम उसका विरोध नहीं करें. (इनपुट एजेंसी)