लखनऊ: कानपुर के बिकरू गांव में बीते दिनों 8 पुलिसकर्मियों की गोलीबारी कर हत्या कर दी गई थी. इसके बाद पुलिस ने गैंगस्टर विकास दूबे की खोजबीन की और उसके पूरे गैंग का सफाया कर दिया गया है. हालांकि अब मारे गए 8 पुलिसकर्मियों की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ चुकी है. इस रिपोर्ट के आने के बाद यह पता चला है कि आखिर कितनी निर्दयता से विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित 8 लोगों को मारा गया था. Also Read - दो महीने पहले एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, जानें मामला

पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि उनपर गोलियों के हलावा धारदार हथियारों का इस्तेमाल भी किया गया था. इससे साफ समझ आता है कि अपराधियों का मकसद सिर्फ पुलिसकर्मियों को मारना ही नहीं बल्कि बदला लेना भी मकसद था. बता दें कि उज्जैन पुलिस की पूछताछ में विकास दुबे ने खुलासा किया था कि 22 साल पहले से सीओ देवेंद्र मिश्रा से उसकी अनबन थी. इस दौरान विकास दुबे ने देवेंद्र मिश्रा पर गोली भी चलाई थी. Also Read - गैंगस्‍टर विकास दुबे 'कानपुरवाला' के नाम पर बदमाश लोगों के बीच पैदा कर रहे दहशत

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक सीओ देवेंद्र को कुल 4 गोलियां मारी गई थीं. बता दें कि इन चार गोलियों में 1 गोली उनके सिर में मारी गई थी. 2 उनके पेट में और 1 गोली उनकी छाती में लगी थी. इसके बाद देवेंद्र मिश्रा के पैर भी काटे गए थे. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में यह भी खुलासा हुआ है कि देवेंद्र मिश्रा को जितनी भी गोलियां मारी गई थीं ये सभी प्वाइंट ब्लैंक रेंज यानी बेहद करीब से मारी गई थी. इस रिपोर्ट के आने के बाद यह साफ हो गया है कि देवेंद्र मिश्रा की हत्या बदले की भावना से की गई थी. Also Read - Vikas Dubey Ghost: क्या बिकरू गांव में विकास दुबे का भूत है? रोज रात चलती हैं गोलियां, अपने घर बैठा दिखता है विकास!

अगर अन्य पुलिसकर्मियों की बात करें तो सिपाही सुल्तान को दो गोलिया मारी गई थी. इसी तरह अन्य पुलिसकर्मियों को भी लगभग 10 गोलियां मारी गई थी. गोलीबारी के बाद घटनास्थल पर ही सभी पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी. बता दें कि सीओ विकास दुबे की पोस्ट मॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो गया है कि यह हत्या बदले की भावना से गैंगस्टर विकास दुबे ने की थी.