नई दिल्लीः उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या करने के बाद फरार हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे आज कानपुर से कुछ दूरी पर एक मुठभेड़ में मारा गया. जानकारी के मुताबिक, विकास दुबे को एसटीएफ की गाड़ी से उज्जैन से कानपुर लाया जा रहा था. इसी दौरान गाड़ी पलट गई और हिस्ट्रीशीटर ने भागने की कोशिश की. इसके बाद पुलिस और विकास दुबे के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई, जिसके बाद पुलिस की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई. जिसमें मोस्ट वॉन्टेड बुरी तरह से घायल हो गया. घायल विकास दुबे को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर्स ने हिस्ट्रीशीटर को मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस की ओर से विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने की घोषणा की है. इस मुठभेड़ में चार पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं. Also Read - उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म की एक और वारदात, नाबालिग बच्ची से खेत में दरिंदों ने किया रेप, आरोपी हुए गिरफ्तार

विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जय-जयकार शुरू हो गई है. सोशल मीडिया पर सीएम योगी की जीरो टॉलरेंस नीति को खूब सराहा जा रहा है. राज्य के खतरनाक अपराधी पर की गई इस कार्रवाई से आम जन में संतोष देखने को मिल रहा है. वहीं लोग इसे पुलिसकर्मियों के बलिदान का बदला भी मान रहे हैं और सीएम योगी की तारीफ कर रहे हैं. जहां कुछ लोग इसे सच्चाई और न्याय की जीत बता रहे हैं तो कुछ गुंडागर्दी का अंत कह रहे हैं. Also Read - Bank Robbery in Greater Noida: बैंक लूट मे शामिल दो आरोपी गिरफ्तार, चेकिंग के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े बदमाश

एक यूजर ने विकास दुबे के एनकाउंटर पर कहा- ‘गुंडागर्दी का विकास अब खत्म हुआ.’ वहीं एक ने लिखा- ‘विकास का अंत हुआ.’ इसके अलावा एक यूजर ने लिखा- ‘यह आज सुबह की सबसे अच्छी खबर थी. पुलिस और सीएम योगी ने दुर्दांत अपराधी का अंत किया.’ वहीं एक ने विकास दुबे ने लिखा- ‘विकास दुबे ने कहा था- मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला. सीएम योगी बोले- मैं योगी आदित्यनाथ हूं, गोरखपुर वाला. कानपुर वाला विकास दुबे ढेर.’

बता दें 2 और 3 जुलाई की रात को कानपुर के बिकरू गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस पर विकास दुबे और उसके गुर्गों ने हमला कर दिया था और 8 पुलिसकर्मियों की बेरहमी से हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद देशभर में आक्रोश का माहौल था. मामले की जांच में कुछ पुलिसकर्मियों के विकास दुबे के संपर्क में होने की बात सामने आई, जिसके बाद एक SHO सहित चौबेपुर थाने के दो दरोगा और कुछ सिपाही सस्पेंड कर दिए गए. घटना के बाद रविवार को विकास दुबे का करीबी दयाशंकर अग्निहोत्री पकड़ा गया था. जिसने कुबूल किया था कि विकास दुबे ने ही पुलिसकर्मियों पर गोली चलाई थी.

दयाशंकर अग्निहोत्री के मुताबिक, विकास दुबे को रेड की बात पहले ही पता चल गई थी, उसे थाने से फोन आया था. जिसके बाद उसने करीब 20-25 लोगों को बुलाया था. जो हथियार से लैस थे. इसके बाद चौबेपुर थाने के सभी पुलिसकर्मियों की कॉल डीटेल खंगाली गई. जिसमें तीन पुलिसकर्मियों के विकास दुबे के संपर्क में होने की बात सामने आई. इसके बाद एसएसपी ने दरोगा कुंवर पाल, कृष्ण कुमार शर्मा और कॉन्सटेबल को सस्पेंड कर दिया. करीब 8 दिन तक युद्धस्तर पर हिस्ट्रीशीटर की तलाश की गई. जिसके बाद मध्य प्रदेश के उज्जैन से आरोपी गिरफ्तार किया गया. वहीं आज कानपुर के आईजी मोहित अग्रवाल ने कानपुर एनकाउंटर में गैंगस्टर विकास दुबे की मारे जाने की पुष्टि की है.