लखनऊ: कानपुर के बिकरु गांव में 8 पुलिसकर्मियों की विकास दुबे और उसके साथियों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गई थी. इस बीच पूरे गैंग का खात्मा हो चुका है. लेकिन विकास दुबे की काली कमाई को सफेद करने वाले जयकांत वाजपेयी को पुलिस ने अब गिरफ्तार कर लिया है. जयकांत ही विकास के पूरे पैसों को हिसाब रखाकरता था. साथ ही उसके पैसे को निवेश करने व सूद पर चलाने का पूरा जिम्मा भी जयकांत का ही था. Also Read - दो महीने पहले एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा, जानें मामला

इस बाबत कानपुर ने पुलिसकर्मियों की हत्या मामले में जयकांत और उसका साथी प्रशांत शुक्ला भी शामिले थे. इन दोनों ने विकास दुबे की मदद की थी. विकास दुबे ने जयकांत और प्रशांत को फोन कर बिकरु गांव बुलाया था और 3 जुलाई की रात पुलिसकर्मियों की एनकाउंटर में हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने कहा कि जयकांत ने विकास दुबे को 2 लाख रुपये और 25 कारतूस दिए थे. Also Read - गैंगस्‍टर विकास दुबे 'कानपुरवाला' के नाम पर बदमाश लोगों के बीच पैदा कर रहे दहशत

बता दें कि जयकांत ही विकास दुबे के सभी पैसों का हिसाब किताब रखता था. नोटबंदी से पहले विकास दुबे ने जयकांत को 6 करोड़ रुपये दिए थे बाजार में निवेश व सूद पर चलाने के लिए. जयकांत ही वह शख्स है जिसके जरिए विकास दुबे की काली कमाई को विदेशों में निवेश करने की बात सामने आई थी. बता दें कि जयकांत के पास भी लखनऊ और कानपूर में अकूत संपत्ति है.