लखनऊः सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर को ऐतिहासिक फैसला सुनाया. कोर्ट ने दशकों से चले आ रहे राम जन्मभूमि विवाद में जमीन के बटवारे से इनकार करते हुए राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने के आदेश दिए थे. पूरे देश ने इस फैसले का स्वागत किया था लेकिन कुछ राजनीतिक पार्टियां इसके खिलाफ अपना बयान देते नजर आई. अब एक ऐसी खबर आई है जिसने समाज में आपसी सौहार्द बनाने की मिसाल कायम की है. Also Read - Board Result 2021: सुप्रीम कोर्ट का निर्देश- 31 जुलाई तक सभी बोर्ड जारी करें 12वीं बोर्ड के रिजल्ट

उप्र शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए 51 हजार रुपये देने की घोषणा की. गुरूवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में रिजवी ने कहा कि बोर्ड ने मंदिर का समर्थन किया है. रिजवी ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया है वही एक अकेला रास्ता था जिससे यह मामला सुलझ सकता था. अब हिन्दुस्तान में राम जन्म भूमि के स्थान पर दुनिया का सबसे सुन्दर राम मंदिर बनाने की तैयारी हो रही है. Also Read - नारद मामले में ममता बनर्जी, घटक की याचिकाओं पर सुनवाई से अलग हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश

उन्होंने कहा,‘‘ इमामे हिंद, भगवान श्री राम, जो हम सभी मुसलमानों के भी पूर्वज हैं, उनके राम मंदिर निर्माण के लिये वसीम रिजवी फिल्मस द्वारा 51 हजार रू की भेंट राम जन्म भूमि न्यास को मंदिर निर्माण के लिये दी जा रही है.’’ प्रेस बयान में कहा गया कि भविष्य में जब भी राम मंदिर का निर्माण होगा शिया वक्फ बोर्ड की तरफ से उसमें भी मदद की जाएगी. उन्होंने साथ ही कहा कि अयोध्या में राम मंदिर पूरी दुनिया के साथ ही भारत में भी ‘‘रामभक्तों’’ के लिए गर्व का मामला है. Also Read - केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, 'कोरोना से मौत पर परिवार को मुआवजा नहीं दे सकते, वित्तीय बूते के बाहर है'