ललितपुर: बुंदेलखंड में बढ़ते जल संकट के बीच महिला जनप्रतिनिधियों ने ‘जल मंथन’ में मटके में पानी डालकर जल संग्रहण का संकल्प लिया. ललितपुर जिले के जैन सिद्ध क्षेत्र पावागिरि में हुए ‘जल मंथन’ में बुंदेलखंड अंचल के एक दर्जन से अधिक नगरीय निकाय और पंचायतों के प्रतिनिधि पहुंचे. इस मौके पर महिला प्रतिनिधियों ने एक स्वर में जलपुरुष के नाम से विख्यात राजेंद्र सिंह की मौजूदगी में जल संरक्षण का संकल्प लिया.

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नगर पंचायत तालबेहट और जल-जन जोड़ो अभियान के संयुक्त आयोजन में नगर पंचायत तालबेहट की अध्यक्ष मुक्ता सोनी ने कहा कि पानी की समस्या से महिलाओं को सबसे ज्यादा जूझना होता है, लिहाजा महिलाओं को जल बचाने के लिए आगे आना होगा. उन्होंने ऐलान किया कि जो भी परिवार अपने आवास में हार्वेटिंग कराएगा, उसमें पूरी मदद नगर पंचायत करेगा. इस मौके पर राजेंद्र सिंह ने बुंदेलखंड में गहराते जल संकट की चर्चा की. उन्होंने कहा कि यह इलाका आजादी से पहले जल संकट ग्रस्त नहीं था, मगर हरियाली खत्म होने और पानी बचाने पर ध्यान न दिए जाने के कारण नदियां, तालाब और कुएं बुरे हाल में हैं. जल संकट के चलते गांव के गांव खाली हो रहे हैं.

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पानी को रोकना होगा तभी बढ़ेगा भूगर्भीय जल
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि पानी को रोकना हेागा, तभी भू गर्भीय जल बढ़ेगा. भूगर्भीय जल बढ़ने पर ही जलस्रोतों का लंबे अरसे तक पानीदार बनाए रखा जा सकता है. इस मौके पर जल-जन जोड़ो के राष्ट्रीय संयोजक संजय सिंह ने लोगों का आह्वान किया कि वे बारिश के पानी को रोकने का काम करें. कई स्थानों पर लोग यह अभियान चलाए हुए हैं कि किसी तरह तालाबों को गहरा कर ज्यादा से ज्यादा पानी को रोका जाएं. इस मौके पर आयोजन स्थल पर एक मटका रखा गया, जिसमें सभी लोगों ने एक-एक ग्लास पानी डालकर संकल्प लिया कि आगामी बरसात में पानी रोकने का हर संभव प्रयास करेंगे. इस जल मंथन में नगर पालिका ललितपुर की अध्यक्ष रजनी साहू, नगर पंचायत महरौली की अध्यक्ष कृष्णा राजा, ज्योति मिश्रा, रुचिका बुंदेला, विमला यादव, बेबी राजा बुंदेला सीमा जैन, कुसुम वाल्मीकि आदि मौजूद रहीं. (इनपुट एजेंसी)