लखनऊ: राजधानी लखनऊ में पिछले कुछ दिनों से हो रही लगातार बारिश से जन-जीवन बुरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया है. जगह जगह जलभराव के चलते अवागमन दूभर हो गया है. सड़क, रेल हवाई यातायात सब बुरी तरह से प्रभावित हो गए हैं राजधानी के अमौसी स्थित चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय व घरेलू एयरपोर्ट पर भी खासा जलभराव हो गया है. जिसके चलते यात्रियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. Also Read - हैदराबाद के बाद महाराष्ट्र में भारी बारिश, जलमग्न हुईं सड़कें, घरों में घुसा बाढ़ का पानी

कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही रिकार्ड बारिश से शहर के अलग-अलग इलाकों में जलभराव हो गया है, कई जगहों पर सड़कें भी धंस गई हैं. पूर्वांचल समेत प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं. सीएम योगी हालात के मद्देनजर शनिवार को लखीमपुर खीरी, गोंडा समेत चार प्रभावित जिलों के दौरे पर हैं. सीएम ने अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी रखने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं.

गोंडा के 36 गांवों में घुसा पानी

सरकार और प्रशासन की मुस्तैदी के बावजूद लगातार हो रही बारिश से हालात बेकाबू हो रहे हैं. घाघरा के बढ़ते जलस्तर व तेज बहाव के चलते शुक्रवार को गोंडा में एल्गिन-चरसड़ी बांध में दरार आ गई और तेज रिसाव होने लगा, जिसके चलते घाघरा का पानी 36 गांवों में पानी घुसने से हाहाकार मच गया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदा प्रभावित क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर प्रभावित जनता को तत्परता से हर संभव मदद मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं.

पूर्वांचल समेत प्रदेश के कई इलाकों में बाढ़ के हालात, सीएम योगी करेंगे प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिला प्रशासन जरूरत के मुताबिक  लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए, बाढ़ राहत चौकियां तथा जिला कंट्रोल रूम 24 घंटे क्रियाशील रहने चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत और बचाव कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. शिथिलता बरतने वालों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई की जाएगी. वहीँ मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले 48 घंटों में तेज बारिश से राहत मिलने कोई आसार नहीं हैं.