अयोध्या: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री चम्पत राय ने रविवार कहा कि उन्हें मंदिर के लिए जमीन के बंटवारे का फार्मूला मंजूर नहीं है और उन्हें पूरी की पूरी भूमि चाहिए. राय ने विहिप द्वारा अयोध्‍या में आयोजित धर्म सभा में कहा ”हमें बंटवारे का फार्मूला मंजूर नहीं है. हमें (जमीन का) टुकड़ा नहीं चाहिए. राम मंदिर के लिए पूरी की पूरी भूमि चाहिए.” Also Read - बाबरी विध्वंस मामले में 24 मार्च को दर्ज होंगे आरोपियों के बयान

विहिप के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री राय ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हर हिंदू का सपना है और यह हर हाल में बनकर रहेगा. हालांकि राय ने बंटवारे के किसी फार्मूले का खुलासा नहीं किया. इस बीच, अयोध्या विवाद के प्रमुख पक्षकार सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष जुफ़र फारूकी ने राय के बयान और फार्मूले के जिक्र के बारे में पूछे जाने पर को बताया कि उनकी जानकारी में मुस्लिम पक्ष की तरफ से कोई फार्मूला नहीं दिया गया है. Also Read - अयोध्या: उद्धव ठाकरे ने कहा- राम मंदिर के लिए देना चाहता हूं 1 करोड़ रुपए, BJP से अलग हुआ हूं, हिंदुत्व से नहीं

विहिप नेता ने कहा कि जहां तक मीडिया में मुस्लिम पक्ष द्वारा विवादित स्थल की एक तिहाई जमीन को छोड़कर बाकी भूमि देने का वादा किए जाने की बात कही जा रही है, तो यह बताना जरूरी है कि हमने ऐसा कोई वादा नहीं किया. Also Read - राम मंदिर ट्रस्ट ने नया बैंक खाता खोला, पुराने खाते का होगा इसमें विलय: ट्रस्ट सदस्य

फारूकी ने कहा कि हिन्दू पक्ष कभी बातचीत की मेज पर आया ही नहीं. पक्षकार चाहें तो बातचीत से इनकार नहीं है. बातचीत से हमने इनकार तो नहीं किया. मुद्दा यही है कि बात किससे की जाए. उन्होंने कहा कि अगर बातचीत होनी है तो उसमें केंद्र सरकार को मध्यस्थता करनी चाहिए, या फिर सिर्फ पक्षकार ही बैठकर बात करें, इधर-उधर के लोग नहीं.

बता दें सितंबर 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में अपना निर्णय सुनाते हुए विवादित स्थल की एक तिहाई जमीन मुस्लिम पक्ष और बाकी जमीन दो अन्य पक्षकारों को देने का आदेश दिया था. इस निर्णय को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गयी थी, जहां यह मामला अभी लंबित है.