लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव के आज विधान परिषद में नेता सदन उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की चुटकी लेते हुए कहा कि वह चाहते हैं कि शर्मा के पदनाम के आगे से ‘उप‘ हट जाए. ऐसा हुआ तो उत्तर प्रदेश का भला हो जाएगा. अखिलेश ने विधान परिषद में साल 2018-19 के बजट पर सामान्य चर्चा के दौरान कहा कि नेता सदन शर्मा का चेहरा, इसलिये ज्यादा चमक रहा है कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में मुख्यमंत्री (योगी आदित्यनाथ) और दूसरे उप मुख्यमंत्री (केशव प्रसाद मौर्य) तो हार गए. अब वही बचे हैं, इसलिये वह ज्यादा खुश दिखायी दे रहे हैं. आप जितना छुपाना चाहो, लेकिन अपनी खुशी नहीं छुपा पाओगे.Also Read - UP: मायावती सरकार में मंत्री रहे BSP के दो पूर्व नेता लालजी वर्मा, रामअचल राजभर ने SP में किया शामिल होने का ऐलान

अखिलेश ने शर्मा की चुटकी लेते हुए कहा कि हम तो चाहते हैं कि आप एक सीढ़ी और चढ़ जाएं. हमारी ख्वाहिश है कि आपके पदनाम के आगे से उप हट जाए. आप मुख्यमंत्री होंगे तो यूपी का भला हो जाएगा. इस पर सदन में खूब ठहाके लगे. शर्मा भी मुस्कुराते नजर आये और कहा कि आप मुझे दुखी क्यों देखना चाहते हैं. पद से कुछ नहीं होता, मैं कार्य से प्रसन्न हूं. Also Read - अखिलेश यादव से मिले उमर खालिद के पिता, योगी आदित्यनाथ बोले- अगर ये लोग आएंगे तो क्या करेंगे

गोरखपुर-फूलपुर में करारी हार Also Read - अखिलेश यादव और ओपी राजभर की पार्टी में गठबंधन, समाजवादी पार्टी ने ट्वीट किया; सपा-सुभासपा आए साथ, यूपी में भाजपा साफ!

मालूम हो कि गोरखपुर सीट योगी आदित्यनाथ और फूलपुर सीट मौर्य के विधान परिषद के लिये चुने जाने के बाद दिये गये त्यागपत्र के कारण खाली हुई थी. हाल में इन दोनों सीटों पर हुए उपचुनाव में सपा ने जीत दर्ज की थी. इस उपचुनाव में बसपा ने सपा को समर्थन दिया था और सपा ने भारी उलटफेर करते हुए बीजेपी को पटखनी दी थी.

उपचुनाव नतीजे बीजेपी के लिए खतरे की घंटी साबित हुए हैं. इस चुनाव ने 2019 के लिए सपा-बसपा गठबंधन का रास्ता साफ कर दिया है. 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सहयोगियों के साथ मिलकर 80 में से 72 सीटों पर कब्जा जमा लिया था. अगर सपा-बसपा एक साथ आ जाएं तो बीजेपी के लिए भारी मुश्किल खड़ी हो सकती है और 2019 में सत्ता वापसी का सपना टूट सकता है. 2019 के लिए सभी दलों ने अभी से रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया है. ममता बनर्जी जहां तीसरे फ्रंट बनाने की कोशिशों में जुटी है, वहीं बीजेपी और कांग्रेस में जोर आजमाइश शुरू हो चुकी है. कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2019 के आम चुनाव के लिए सेमीफाइनल साबित होने जा रहा है जिसमें कांग्रेस-बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है.