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- Why Akhilesh Yadav Gives Clarification After 5 Years Mayawati Slams Over Sp Bsp Alliance
मायावती और अखिलेश एक-दूसरे के सिर पर अब फोड़ रहे है 2019 में बसपा-सपा गठबंधन टूटने का ठीकरा
SP-BSP Alliance: मायावती की पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी पुस्तिका में सपा से गठबंधन टूटने के बारे में जानकारी दी है. इस किताब के आने के बाद से मायावती और अखिलेश यादव के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है.
लोकसभा चुनाव- 2024 के नतीजे आने के बाद से यूपी की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और समाजवादी पार्टी (सपा) आमने-सामने हैं. पांच साल पहले यानि 2019 के लोकसभा चुनाव में जब बसपा-सपा का गठबंधन टूटा था, तब भी जुबानी जंग छीड़ी थी. जो अब एक बार फिर से शुरू हो गई है. 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद सपा- बसपा का गठबंधन टूटने के मामले पर मायावती और अखिलेश यादव के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है.
गठबंधन टूटने के बाद मेरा फोन नहीं उठाया: मायावती
बसपा प्रमुख मायावती ने अखिलेश के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शुक्रवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि लोकसभा चुनाव-2019 में उत्तर प्रदेश में बसपा के 10 व सपा के पांच सीट जीतने के बाद गठबंधन टूटने के बाद सपा प्रमुख ने उनके फोन का भी जवाब देना बंद कर दिया था. उन्होंने कहा, बीएसपी सैद्धान्तिक कारणों से गठबंधन नहीं करती और अगर बड़े उद्देश्यों को लेकर कभी गठबंधन करती है, तो फिर उसके प्रति ईमानदार भी जरूर रहती है. सपा के साथ सन 1993 व 2019 में हुए गठबंधन को निभाने का भरपूर प्रयास किया गया, किन्तु ’बहुजन समाज’ का हित व आत्म-सम्मान सर्वोपरि है.
अखिलेश यादव का मायावती पर पलटवार, जानें क्या कहा?
मायावती ने पार्टी द्वारा कार्यकर्ताओं के बीच बांटी जाने वाली ‘बहुजन समाज पार्टी पुस्तिका’ में सपा से गठबंधन टूटने के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी है. इस किताब में किए गए खुलासे के बारे में जब अखिलेश से पूछा गया, तो उन्होंने जवाब दिया- जिस समय गठबंधन टूटा, उस समय मैं आजमगढ़ में एक सभा में मंच पर था. सपा और बसपा के कार्यकर्ता व नेता वहां मौजूद थे. किसी को नहीं पता था कि गठबंधन टूटने जा रहा है. मैंने यह पूछने के लिए खुद फोन मिलाया था, कि आखिरकार यह गठबंधन क्यों तोड़ा जा रहा है.
बसपा नेता सतीश ने अखिलेश पर साधा निशाना
अखिलेश की इस प्रतिक्रिया पर बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा- मैं सभी को यह बताना चाहता हूं कि 2019 के लोकसभा आम चुनाव में बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के गठबंधन टूटने की वजह सपा मुखिया खुद हैं. उन्होंने कहा कि बहनजी (मायावती) के फोन करने से पहले उन्होंने खुद सपा प्रमुख को फोन किया, लेकिन बात नहीं हो पाई.
मिश्रा ने कहा कि फिर भी बसपा प्रमुख ने बड़े होने के नाते सपा प्रमुख को फोन करके हौसला बढ़ाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने बात नहीं की. उन्होंने कहा कि इस सबके परिणामस्वरूप बसपा को गठबंधन तोड़ना पड़ा.
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