लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों पर गहरी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि औरतों को पुरुषों से सत्ता ‘छीननी’ होगी ताकि वे अपने खिलाफ होने वाले अपराध को रोक सकें. उत्तर प्रदेश के अपने दो दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को लखनऊ पहुंचीं प्रियंका ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठकों के लम्बे दौर के बाद रात में संवाददाताओं से कहा कि उत्तर प्रदेश महिलाओं के प्रति अपराधों के मामले में देश में नम्बर एक पर पहुंच गया है. आखिर महिलाएं किस तरह सरकार पर विश्वास रखें. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इसे आपात स्थिति के तौर पर लेना चाहिये.

उन्होंने कहा ‘कांग्रेस पूरी तरह महिलाओं के लिये लड़ेगी. मैं तो कहती हूं कि समाज में महिलाओं को सत्ता मिलनी चाहिये. मैं अपनी बहनों से कहती हूं कि पुरुषों से सत्ता छीनिये. पंचायत, विधानसभा और लोकसभा के चुनाव लड़िये. आपके हाथों में सत्ता आये, ताकि इस तरह के हादसे हों तो आप अपना भी बचाव कर पायें.’ प्रियंका ने कहा कि कानून—व्यवस्था बनाये रखना सरकार का कर्तव्य होता है. उन्नाव में पिछले 11 महीनों में बलात्कार की लगभग 90 वारदात हुई हैं. भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर से जुड़े बलात्कार मामले में सरकार ने अपराधियों की तब तक सुरक्षा की, जब तक उस पीड़िता का परिवार खत्म नहीं हो गया. उसके बाद सम्भल, मैनपुरी और फिर उन्नाव में गुरुवार को नया मामला हुआ है.

उन्होंने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि वह अपने दफ्तर में एक प्रकोष्ठ बनायें और हर जिला पुलिस अधीक्षक से कहा जाए कि अगर महिलाओं से सम्बन्धित शिकायत आती है तो मुख्यमंत्री कार्यालय को उसकी सूचना दें और 24 घंटे के अंदर उसका मुकदमा दर्ज कर पीड़िता को सुरक्षा दी जाए. प्रियंका ने कहा कि उन्नाव के ताजा मामले में चार महीने बाद अदालत के आदेश पर पीड़िता को मुकदमा दर्ज हुआ. सरकार को यह निर्णय लेना होगा कि वह महिलाओं के पक्ष में है या अपराधियों के. उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद कानून बहुत सख्त बन गया था. उसे पूरी तरह लागू करना होगा, मगर यहां तो पुलिस चार—चार महीने तक पीड़ित महिला की रिपोर्ट तक नहीं दर्ज करती.

हैदराबाद में महिला पशु चिकित्सक की बलात्कार के बाद जलाकर हत्या करने के चार आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बारे में राय पूछने पर प्रियंका ने कहा कि अभी उन्हें घटना का विवरण नहीं मालूम इसलिये उस पर टिप्पणी करना गलत होगा. इसके पूर्व, प्रियंका पार्टी की विभिन्न समितियों, प्रदेश कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. प्रियंका ने सबसे पहले रणनीति और योजना समिति के साथ बैठक की. इसमें तय किया गया कि पार्टी महिलाओं के प्रति अपराध, किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और कानून—व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन करेगी. कांग्रेस प्रवक्ता राजीव त्यागी ने बताया कि इन बैठकों में आगामी 14 दिसम्बर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली ‘भारत बचाओ महारैली’ को सफल बनाने की रणनीति पर भी चर्चा की गयी.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा प्रियंका ने यूथ कांग्रेस, एनएसयूआई, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ समेत कांग्रेस के सभी आनुषांगिक संगठनों के पदाधिकारियों से भी मुलाकात की. साथ ही कुछ पूर्व सांसदों और विधायकों से भी मिलीं. इन बैठकों में तय किया गया कि किस तरह से कांग्रेस एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका में रहते हुए सरकार को जगाने का काम करेगी.

इसके पूर्व, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजीव शुक्ला ने संवाददाताओं को बताया कि प्रदेश में पार्टी को नयी ऊर्जा देने के लिये ब्लॉक स्तर तक समितियां गठित की जाएंगी. हर जगह कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा. साल भर के अंदर संगठन का ढांचा तैयार हो जाएगा. प्रियंका को आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुख्यमंत्री का चेहरा बनाये जाने की सम्भावनाओं के बारे में पूछे जाने पर शुक्ला ने कहा कि वह इस बारे में कुछ नहीं कह सकते, मगर इतना तय है कि वह उत्तर प्रदेश के आम आदमी की आवाज बनकर उभरेंगी.

(इनपुट भाषा)