मुजफ्फरनगर: उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष की हत्या के खिलाफ वकीलों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया, जिसकी वजह से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अदालतों में कामकाज गुरुवार को ठप हो गया. बता दें कि बुधवार को आगरा में दीवानी अदालत परिसर में उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्‍यक्ष दरवेश सिंह यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दरवेश को एक वकील द्वारा गोली मारी गई और बाद में उसने खुद भी जान देने की कोशिश की. पुलिस ने यह जानकारी दी.

इन जिलों में कामकाज प्रभावित
मुजफ्फरनगर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सैयद नसीर हैदर ने कहा कि शोक सभा में वकीलों ने इस घटना की निंदा की. राज्य बार काउंसिल द्वारा बहिष्कार का आह्वान किया गया है. बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, सहारनपुर और शामली जिलों में न्यायिक कार्य प्रभावित हुए.

अधिवक्ता ने दरवेश यादव को एक के बाद एक तीन गोलियां मारीं
पुलिस ने कहा कि राज्य बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्ष दरवेश सिंह यादव की बुधवार को आगरा में अदालत परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. दरअसल, बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उप्र बार काउंसिल की अध्‍यक्ष दरवेश सिंह और अधिवक्‍ता मनीष शर्मा के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया. आगरा के एडीजी अजय आनंद ने बताया कि विवाद इतना बढ़ा कि अधिवक्ता मनीष शर्मा ने दरवेश यादव को एक के बाद एक तीन गोलियां मारीं. गोली चलने से अदालत परिसर में अफरा तफरी फैल गई. इसके बाद मनीष शर्मा ने खुद को भी एक गोली मार ली. पुलिस ने दोनों को दिल्‍ली गेट स्थित पुष्‍पांजलि हॉस्पिटल में भर्ती कराया.

दरवेश सिंह ने 2004 में शुरू की थी वकालत
दरवेश सिंह मूल रूप से एटा की रहने वाली थीं. 2016 में वे बार काउंसिल की उपाध्यक्ष और 2017 में कार्यकारी अध्यक्ष रह चुकी हैं. वे पहली बार 2012 में सदस्य पद पर विजयी हुई थीं, तभी से बार काउंसिल में सक्रिय रहीं. दरवेश सिंह ने आगरा कॉलेज से विधि स्नातक की डिग्री हासिल की. डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय (आगरा विश्वविद्यालय) से एलएलएम किया. उन्होंने 2004 में वकालत शुरू की थी.

यूपी की कानून-व्यवस्था और जंंगल राज में ज्यादा फर्क नहीं रहा: कांग्रेस 
बार काउंसिल की अध्यक्ष की हत्या की घटना को लेकर कांग्रेस ने गुरुवार को योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि राज्य की कानून-व्यवस्था और जगंल राज में ज्यादा अंतर नहीं रह गया है. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर कहा, ‘ उत्तर प्रदेश में अजय सिंह बिष्ट (योगी) की सरकार की नाक के नीचे, दिन दहाड़े बार काउंसिल की पहली महिला अध्यक्षा की गोली मार कर हत्या. जंगलराज और भाजपा शासित उप्र की क़ानून व्यवस्था में अब ज़्यादा फ़र्क़ नहीं बचा! ”

हाईकोर्ट ने दरवेश के परिजनों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष दर्वेश यादव के परिजनों के प्रति शोक संवेदना प्रकट की है. इलाहाबाद उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल ने एक बयान जारी कर कहा, माननीय मुख्य न्यायाधीश ने उक्त घटना को गंभीरता से लिया है और अधिवक्ता बिरादरी को आश्वस्त किया है कि माननीय उच्च न्यायालय, अदालत परिसरों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है. राज्य सरकार को भी इलाहाबाद उच्च न्यायालय, इसकी लखनऊ खंडपीठ और प्रदेश की जिला अदालतों में सुरक्षा में शून्य त्रुटि के संबंध में उचित कदम उठाने का निर्देश दिया गया है.