कानपुर: उत्‍तर प्रदेश के कानपुर के सचेंडी में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी ने कहा है कि उसके पति ने गलत किया था और उसके साथ यही होना था. शुक्रवार को विकास दुबे के अंतिम संस्कार के वक्त उसकी पत्नी रिचा ने मीडिया कर्मियों से काफी नाराजगी से बात की. Also Read - विकास दुबे के गांव में दबिश देने से पहले का पुलिस का ऑडियो अब हुआ वायरल, पूर्व SSP की बढ़ेगी मुसीबत

पत्नी रिचा ने एक सवाल पर कहा “हां, हां, हां, विकास ने गलत किया था और उसके साथ यही होना था.” रिचा ने दुबे का अंतिम संस्कार कवर करने आए मीडिया कर्मियों पर गुस्सा उतारा और उन्हें वहां से चले जाने को कहा. उसने दुबे की मुठभेड़ में मौत के लिए मीडिया को जिम्मेदार बताया. Also Read - सीएम योगी कल नोएडा में, 420 बिस्तरों वाले कोविड-19 अस्पताल का करेंगे उद्घाटन

अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने संवाददाताओं को बताया कि दुबे के रिश्तेदार दिनेश तिवारी ने उसके शव का अंतिम संस्कार कराया. यह वही दिनेश है जिसे पुलिस ने पिछले हफ्ते कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के फौरन बाद पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था. Also Read - एक दिन में इन सेंटर्स में होंगे 10 हजार से अधिक COVID-19 टेस्‍ट, पीएम मोदी आज करेंगे शुरुआत

इस वारदात का मुख्य आरोपी पांच लाख रुपए का इनामी बदमाश विकास दुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के सचेंडी इलाके में पुलिस और एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया. उसके शव का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह में किया गया.

दुबे के गांव में पुलिस का कड़ा पहरा
गैंगस्टर विकास दुबे की एसटीएफ से कथित मुठभेड़ में मौत के बाद उसके गांव बिकरू में कड़ी सुरक्षा चौकसी बरती जा रही है. गांव में जमींदोज किए जा चुके दुबे के घर के आस-पास करीब 60 पुलिसकर्मियों का कड़ा पहरा है. उनमें से ज्यादातर एक नीम के पेड़ के नीचे चारपाई डाल कर बैठे हैं. मकान के खंडहर के पास एक टूटा हुआ बेसबॉल बैट, क्षतिग्रस्त ट्रैक्टर कार और मोटरसाइकिल देखी जा सकती हैं.

गांव के लोग कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे
दुबे की मौत को लेकर गांव के लोग कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं. लोग अपने घरों के अंदर हैं और वे पूरे घटनाक्रम पर कुछ भी कहने से इंकार कर रहे हैं. सोमालू नामक एक अधेड़ से दुबे की मुठभेड़ में मौत के बारे में पूछा तो उसने कहा कि वह एक मजदूर है और पड़ोस के गांव में रहता है. इस सवाल पर कि क्या कभी दुबे ने उसकी कोई मदद की थी उसने कहा “नहीं”.

दुस्साहसिक वारदात में आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे
बिकरू वही गांव है, जहां पिछली दो-तीन जुलाई की मध्य रात्रि को दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमलावरों ने उसके मकान की छत से ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थी. उस दुस्साहसिक वारदात में आठ पुलिसकर्मी मारे गए थे तथा छह अन्य घायल हो गए थे. वारदात के अगले दिन पुलिस ने दुबे के मकान को ध्वस्त करा दिया था.