Uttar Pradesh: धर्मांतरण की आड़ में महिला उत्पीड़न और लव जेहाद के मामलों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे. इसे लेकर अब उत्तरप्रदेश की योगी सरकार भी जल्द ही अध्यादेश लाने वाली है. अन्य राज्य भी इसे लेकर राज्य सरकार से विचार-विमर्श में लगे हैं, तो वहीं उत्तरप्रदेश सरकार ने इस अध्यादेश को अब राज्य में जल्द से जल्द जारी करने की बात कही है. Also Read - फिल्म सिटी के बाद अब उप्र में बनेगा पहला डाटा सेंटर पार्क, 600 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली मंजूरी

उत्तरप्रदेश के एक उच्चाधिकारी के मुताबिक योगी सरकार लव जिहाद की आड़ में धर्मांतरण के मामले में कड़ा रूख दिखाया है और इस मामले को लेकर राज्य में इसे रोकने के लिए अपना अध्यादेश जारी करने की बात कही है. Also Read - 600 साल में पहली बार इस शहर में रावण के साथ नहीं जलेंगे मेघनाद और कुम्भकरण, जानिए

उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग (UP state law commission) ने सूबे में धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाने की सिफारिश की है. स्टेट लॉ कमीशन ने यूपी में धर्मांतरण को लेकर एक रिपोर्ट तैयार की है. स्टेट लॉ कमीशन ने धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए कानून की सिफारिश की थी. Also Read - UP: हाथरस कांड की जांच कर रहे DIG चंद्रप्रकाश की पत्नी ने कर ली आत्महत्या, मची सनसनी

बता दें कि आठ राज्य धर्मांतरण के खिलाफ कानून लागू कर चुके  हैं, जिनमें से उड़ीसा पहला राज्य है जिसने धर्मांतरण के खिलाफ कानून लागू किया है, तो वहीं अरुणाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात ने अपने-अपने प्रदेश में धर्मांतरण कानून को लागू किया हुआ है. अब इस तरह उत्तरप्रदेश देश का नौवां राज्य होगा जहां धर्मांतरण कानून लागू किया जाएगा.

बता दें कि उत्तरप्रदेश में लंबे समय से संघर्ष कर रहे विश्व हिन्दू परिषद (VHP) भी चाहता है कि धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया जाए. हाल के कुछ दिनों में मेरठ, खीरी, कानपुर में लव जिहाद के मामलों ने तूल पकड़ लिया है. यहां पिछले दिनों लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाने की बातें सामने आयी हैं.