Uttar Pradesh: उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूरे देश में सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया है, उसमें भी प्नयागराज ने  देश में सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने में प्रथम स्थान हासिल किया है. इस तरह से प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने में उत्तरप्रदेश अव्वल घोषित हुआ है.Also Read - Tamil Nadu Lockdown Update: कोयंबटूर में सोमवार से लागू होंगे नए कोविड प्रतिबंध, जानिए क्या हैं नए नियम

बता दें कि प्रवासी मजदूरों के लिए शुरू किए गए अभियान को लेकर योगी सरकार के प्रयासों को पूरे देश में पहचान मिली है. प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने के लिए शुरू किए अभियान को देश में पहला स्थान मिला है और इस अभियान की चहुंओर सराहना की जा रही है. इस अभियान के तहत उत्तरप्रदेश को देश के 6 राज्यों में प्रथम स्थान मिला है. प्रवासियों को रोजगार देने की यह योजना 6 राज्यों में शुरू की गई थी. Also Read - UP: जज की कार को टक्‍कर मारने के केस में ड्राइवर हिरासत में, घायल हुए एडीजी ने जान लेने की कोशिश का आरोप लगाया

प्रवासी मजदूरों को रोजगार देने की योजना देश के  116 जिलों में चल रही थी. अन्य प्रदेशों के बीच इस अभियान में यूपी ने पहला स्थान हासिल किया है. वहीं, जिलों की बात करें तो उत्तरप्रदेश के प्रयागराज जिले ने भी देश में पहला स्थान प्राप्त किया है. Also Read - Kerala Lockdown Latest Update: केरल में कोरोना का कहर जारी, आज से लगा है सख्त वीकेंड लॉकडाउन

क्या थी योजना…

इस योजना के तहत स्वच्छ सामुदायिक शौचालयों का निर्माण करना था. इसके जरिए ही मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करवाया जाना था. इस योजना में यूपी के 31 जिले शामिल थे. प्रयागराज ने देश में सबसे ज्यादा शौचालयों को निर्माण किया है. अब 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी की जयंती पर आयोजित वर्चुअल समारोह में सभी जिलों सहित राज्य के उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे.

उत्तरप्रेदश के पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 20 जून को गरीब कल्याण रोजगार का शुभारंभ किया था और इसके तहत  125 दिन के इस अभियान में प्रवासी श्रमिकों को सामुदायिक शौचालय निर्माण समेत 25 कामों के जरिये रोजगार देना था. श्रमिकों को मनरेगा मजदूरी (202 रुपये प्रतिदिन) के हिसाब से भुगतान किया गया है.

कैसे हुआ बेहतर काम 
ग्रामीण कल्याण रोजगार अभियान में पंचायती राज विभाग ने सर्वाधिक सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराकर सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार दिया है. देश के 6 राज्यों में सामुदायिक शौचालय श्रेणी में यूपी पहले और 116 जिलों में प्रयागराज पहले स्थान पर रहा है. उत्तरप्रदेश के हरदोई ने दूसरा और फतेहपुर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है.