Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दूसरे राज्यों से उत्तरप्रदेश के श्रमिकों और कामगारों को वापस लाया जाएगा. इसके लिए तैयारियां की गई हैं. Also Read - Ghaziabad: बुजुर्ग से मारपीट का Viral Video मामले में सपा नेता उम्मेद पहलवान इदरीसी पर FIR दर्ज

योगी ने ट्वीट के माध्यम से ये जानकरी दी है. उन्होंने ट्वीट में लिखा,
‘उत्तर प्रदेश के ऐसे श्रमिक, कामगार तथा मजदूर बहन-भाई, जो अन्य राज्यों में निवासरत हैं और 14 दिन की क्वारंटीन अवधि पूरी कर चुके हैं, हम उन्हें वापस उनके घर पहुंचाएंगे.
ऐसे लोगों की राज्यवार सूची तैयार करने सहित चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार करने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि शेल्टर होम/आश्रय स्थल को सैनिटाइज कर सभी के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था की जाए.
14 दिन की संस्थागत क्वारंटीन पूरा करने के उपरांत सबको राशन किट व ₹1000 के भरण-पोषण भत्ते के साथ होम क्वारंटीन के लिए घर भेजने की व्यवस्था की जाएगी.
उत्तर प्रदेश में वापस लाए जाने से पूर्व इन श्रमिकों, कामगारों की स्क्रीनिंग व टेस्टिंग कराई जाएगी. तत्पश्चात, बस द्वारा सभी को इनके जनपदों में भेजा जाएगा.
हमारे श्रमिक और कामगार बंधु जिस जनपद में जाएंगे, वहां भी 14 दिन क्वारंटीन का समय पूरा करेंगे. Also Read - डॉक्टर्स का कमाल: डायलिसिस पर रहते हुए महिला ने दिया बच्चे को जन्म, जिसने सुना वो रह गया हैरान

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योगी ने कहा कि प्रयास यह हो कि यह केंद्र उनके गांव के ही आसपास हों. इन केंद्रों की सभी व्यवस्था की अभी से जांच करा लें. संबंधित अधिकारी दूसरे प्रदेशों की सरकारों से इस बावत बात कर श्रमिकों की सूची मंगवा लें ताकि उनकी संख्या के अनुसार बसों का बंदोबस्त किया जा सके.

उन्होंने कहा, ‘इसके लिए शेल्टर होम आश्रय स्थल को खाली कर सेनेटाइज किया जाए. शेल्टर होम पर कम्युनिटी किचन के सुचारू संचालन के लिए सभी प्रबन्ध सुनिश्चित किये जाएं, ताकि इन लोगों के लिए ताजे व भरपेट भोजन की व्यवस्था हो सके’.

उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में उत्तर प्रदेश के ही जो नागरिक क्वारांटाइन में हैं और 14 दिनों की अवधि पूरी कर चुके हैं उन्हें अपने घर भेज दें.

योगी ने कहा, ‘प्रत्येक जनपद में कोविड तथा नॉन-कोविड अस्पताल चिह्न्ति किए जाएं. यह सुनिश्चित किया जाए कि कोरोना के मरीज उपचार के लिए केवल कोविड अस्पताल में ही भर्ती किये जाएं. इसी प्रकार अन्य रोगों के उपचार के लिए मरीज को नॉन-कोविड अस्पताल में भर्ती किया जाएं.’

मुख्यमंत्री ने पूल टेस्टिंग को बढ़ाने तथा एल-1, एल-2 तथा एल-3 चिकित्सालयों में बेड्स की संख्या में वृद्धि के निर्देश भी दिए.