लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि सरकार सही समय पर जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून लाएगी. योगी ने यहां एक निजी समाचार चैनल के ‘मंथन-2021′ कार्यक्रम में विधानसभा चुनाव से पहले जनसंख्‍या नियंत्रण अध्यादेश लाने के सवाल पर कहा, ‘‘हर चीज का समय होता है. आप लोग कहते थे कि मंदिर वहीं बनाएंगे, तारीख नहीं बताएंगे, लेकिन मंदिर निर्माण शुरू हो गया. अनुच्छेद 370 भी हटा दिया गया.’Also Read - वरुण गांधी का योगी सरकार पर निशाना, कहा- जब लोगों को ही सब करना है तो सरकार की क्या ज़रूरत है?

योगी आदित्यनाथ ने कहा, ‘अभी हमारे सामने मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्‍यु दर को नियंत्रित करना चुनौती है. इसके लिए हमने जनसंख्‍या नीति के तहत एक व्यापक अभियान शुरू किया है और भविष्य में कुछ भी होगा तो सबसे पहले मीडिया को पता चलेगा. हमारा कोई कार्य चुपके से नहीं होता, जो होगा नगाड़ा बजाकर करेंगे. सही समय आने पर हम (जनसंख्या नियंत्रण क़ानून के बारे में) जानकारी देंगे.’’ Also Read - अखिलेश यादव से मिले उमर खालिद के पिता, योगी आदित्यनाथ बोले- अगर ये लोग आएंगे तो क्या करेंगे

मुख्यमंत्री ने बढ़ती जनसंख्या को “विकास में बाधा” करार देते हुए जुलाई में राज्य में जनसंख्या स्थिर करने और समयबद्ध तरीके से मातृ और शिशु मृत्यु को कम करने के उद्देश्य से एक नीति जारी की थी. कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश विधि आयोग की वेबसाइट पर जनसंख्या नियंत्रण पर एक मसौदा विधेयक जनता से सुझाव आमंत्रित करते हुए डाला गया था जिसमें कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में दो से अधिक बच्चों वाले लोगों को स्थानीय निकायों के चुनाव लड़ने से रोक दिया जाएगा. Also Read - PM मोदी बोले- इन लोगों की पहचान समाजवादी नहीं, परिवारवादी की बन गई, सिर्फ अपने परिवार का भला किया

मंथन में योगी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव के एक ट्वीट को लेकर तंज कसते हुए कहा, ‘‘सपा और बुद्धि तो नदी के दो किनारे हैं’’ और प्रदेश एवं देश की जनता उनके ट्वीट पर हंस रही है.’’ सपा प्रमुख ने राष्‍ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के हवाले से सोमवार को एक ट्वीट किया था, जिसमें दिखाया गया था कि उत्तर प्रदेश में दंगों में वृद्धि हुई है.

योगी ने अखिलेश यादव के ट्वीट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘उन्होंने (अखिलेश यादव ने) कल एक ट्वीट किया कि उत्तर प्रदेश में रिकार्ड दंगे हुए हैं, जबकि सच्चाई यह है कि एनसीआरबी ने देश भर के जो आंकड़े जारी किए, उनमें राज्य में सांप्रदायिक दंगे शून्य दिखाए गए थे.’’ योगी ने यादव की ओर इशारा करते हुए कहा, ‘‘वह अपनी बुद्धि और विवेक से काम नहीं कर रहे हैं. वह ट्विटर पर निर्भर रहने वाले लोग हैं. जब कोई प्रशिक्षक आएगा और बताएगा कि तुम्हें ये लाइन बोलनी है तो वह उसे बोलेंगे. सपा और बुद्धि तो नदी के दो किनारे हैं. उनके पास कोई ऐसा ‘बुद्धिमान’ आ गया होगा, जिसने दिमाग दूसरे किनारे रखकर उन्हें यह बताया होगा और उन्होंने वही ट्वीट कर दिया होगा. प्रदेश और देश की जनता उनके ट्वीट पर हंस रही है. इन लोगों से कोई क्या कह सकता है.’’

योगी से जब यह कहा गया कि अखिलेश कह रहे हैं, ‘‘काम हमने किया और वह (योगी) तो सिर्फ फीता काट रहे हैं, तो मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि 2017 में ये जो जोड़ी (राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने विधानसभा चुनाव में गठबंधन किया था) आई थी, ‘‘इन दोनों की प्रवृत्ति ही उत्तर प्रदेश को अपमानित करने की है.’’

योगी ने एक महंत की तरह सरकार चलाने के आरोप के जवाब में कहा, ‘‘सरकार धमक और हनक से चलती है. वह दुम दबाकर नहीं चलती. सरकार की हनक अपराधियों, समाज विरोधी तत्वों और भ्रष्टाचारियों के लिए होनी चाहिए और मुझे प्रसन्नता है कि साढ़े चार वर्ष में हमने इसमें कोई कोताही नहीं बरती. लोग योगी से डरते नहीं, योगी से आम जनता का आत्मीय संवाद है.’’ कार्यक्रम प्रस्तोता ने अगले वर्ष की शुरुआत में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) को बहुमत मिलने और योगी के दोबारा मुख्यमंत्री बनने की संभावना को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा भारी बहुमत से सरकार बना रही है और 350 से अधिक सीटें पाकर हम आ रहे हैं और हम मुख्यमंत्री बनेंगे.’