लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त हो गए हैं. गुरुवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्ट अधिकारियों के लिए कड़ा संदेश देते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों की सरकार में कोई जगह नहीं है. साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भ्रष्ट बाबुओं की सूची तैयार की जाए और सुझाव दिया कि उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए बाध्य किया जाए.

 

सरकारी विज्ञप्ति में बताया गया कि मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें जबरन स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दी जाए. योगी सचिवालय प्रशासन विभाग के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भ्रष्ट बाबुओं की सूची तैयार की जाए और सुझाव दिया कि उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए बाध्य किया जाए. मुख्यमंत्री ने ई-आफिस प्रणाली में तेजी लाने की आवश्यकता पर जोर दिया, अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रोन्नति, पदों को भरे जाने और कर्मचारियों के रिटायरमेंट जैसे मुद्दों पर उचित कार्रवाई की जाए.

सचिवालय में जल्द शुरू होगा बायोमीट्रिक सिस्टम
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भ्रष्ट कर्मचारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए, उनका प्रमोशन रोक दिया जाए और उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति दे दी जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि सचिवालय में जल्द ही बायोमीट्रिक सिस्टम शुरू किया जाएगा.