उत्तर प्रदेश में योगी कैबिनेट का विस्तार, कौन से सामाजिक और जातीय समीकरण साध रही है भाजपा? समझिए पूरा राजनीतिक गणित
उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं. ऐसे में 6 नए मंत्री बनाने और 2 का प्रमोशन करने की योजना है. अगले वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से यह विस्तार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
UP Cabinet Expansion: उत्तर प्रदेश में आज योगी आदित्यनाथ सरकार में शामिल मंत्रियों की संख्या बढ़ने वाली है. माना जा रहा है कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा सरकार सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों को साधने के लिए मंत्रिमंडल में ये फेरबदल कर रही है. आज जो लोग मंत्री बनेंगे उनमें रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडेय, मुरादाबाद से आने वाले भूपेंद्र सिंह चौधरी, फतेहपुर जिले की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान, वाराणसी से एमएलसी और बीजेपी जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, हाथरस से आने वाले सुरेंद्र सिंह दिलेर और कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश राजपूत शामिल हैं.
कौन से समीकरण साध रही है भाजपा
भाजपा उत्तर प्रदेश में नए मंत्रियों को शामिल कर के ब्राह्मण, दलित, महिला और पिछड़ा को जगह देने की तैयारी कर रही है. अगर मंत्री बनने जा रहे नेताओं पर नजर डालें तो मनोज पांडेय रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक हैं. मनोज पांडेय कभी समाजवादी पार्टी में थे और अखिलेश यादव के करीबी माने जाते थे. अब भाजपा मनोज पांडेय के चेहरे को सामने रखकर यूपी में ब्राह्मण वोटरों को साधने की कोशिश कर रही है.
भूपेंद्र चौधरी
पश्चिम यूपी से आने वाले भूपेंद्र चौधरी को जाट समाज का बड़ा नेता माना जाता है. मुरादाबाद से आने वाले भूपेंद्र सिंह चौधरी भाजपा के संगठन से जुड़े हैं. उन्होंने बीजेपी के लिए जमीन पर काम किया है. पहले भी योगी सरकार का हिस्सा रह चुके भूपेंद्र सिंह चौधरी को इस बार भाजपा बड़ी जिम्मेदारी सौंप सकती है.
कृष्णा पासवान
कृष्णा पासवान को मंत्री बनाने का फैसला करके भाजपा ने महिला और दलित समीकरण एक साथ साधा है. फतेहपुर जिले की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान पासी समाज से आती हैं. भाजपा चाहती है कि पार्टी दलित वर्ग के हर समाज को जगह मिले. इससे 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए एक संदेश भी जाएगा.
हंसराज विश्वकर्मा
हंसराज विश्वकर्मा को सरकार का हिस्सा बनाकर भाजपा ये संदेश दे रही है कि अति पिछड़े वर्ग के हर तबके को केवल भाजपा में सम्मान मिलता है. हंसराज विश्वकर्मा वाराणसी से एमएलसी हैं. पूर्वांचल की अहम अति पिछड़ी बिरादरी विश्वकर्मा समाज का समर्थन विधानसभा चुनावों में भाजपा को फायदा दिला सकता है.
सुरेंद्र दिलेर
वाल्मीकि समाज से आने वाले सुरेंद्र दिलेर कैबिनेट में शामिल होने जा रहे एक और दलित चेहरा हैं. सुरेंद्र दिलेर की पारिवारिक पृष्ठभूमि काफी मजबूत है. उनके दादा भी चार बार सांसद रह चुके हैं. उनके पिता भी विधायक और सांसद रह चुके हैं. सुरेंद्र दिलेर की वाल्मिकी समाज पर अच्छी खासी पकड़ मानी जाती है. उनको मंत्री बनाकर बीजपी गैर जाटव दलित वोटों को साध रही है.
कैलाश राजपूत
मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा इस बात का भी ध्यान रख रही है कि ओबीसी को कोई गलत संदेश न जाए. इसलिए कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश राजपूत को भी मंत्री बनाए जाने की संभावना है. वह लोधी समाज से आते हैं.
बता दें कि उत्तर प्रदेश की 403 सदस्यीय विधानसभा में अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं. ऐसे में 6 नए मंत्री बनाने और 2 का प्रमोशन करने की योजना है. अगले वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिहाज से यह विस्तार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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