लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक से सात जुलाई तक मेरठ मंडल में मेडिकल स्क्रीनिंग का विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं. साथ ही प्रदेश की सभी औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने शनिवार को टीम 11 के साथ हुई बैठक में उन्होंने मेरठ मंडल पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए. Also Read - Vikas Dubey Encounter Updates: आठ दिन में विकास दुबे मामले को योगी सरकार ने ऐसे किया खत्म, सोशल मीडिया मे जमकर हो रही वाहवाही

यहां कोविड-19 की चेन को तोड़ने के लिए उन्होंने सर्विलांस को मजबूत करते हुए लोगों को जागरूक करने को कहा. साथ ही एक से सात जुलाई तक एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए. ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर संचालित होने वाले इस विशेष कार्यक्रम के तहत घर-घर जाकर लोगों की मेडिकल स्क्रीनिंग करने को कहा गया. स्क्रीनिंग में लक्षणों के आधार पर संदिग्ध पाए जाने वाले लोगों का रैपिड एंटीजन टेस्ट कराया जाएगा. Also Read - Vikas Dubey Arrested: ऐसा था मोस्टवांटेड गैंगस्टर का साम्राज्य, हफ्तेभर में हो गया ध्वस्त, जानें कैसे, कब, क्या हुआ

आदित्यनाथ ने कहा कि मेरठ मंडल में कोविड अस्पतालों की क्षमता विस्तार का काम प्राथमिकता पर होना चाहिए. नगर विकास विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और पंचायतीराज विभाग को विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए. इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कराने को कहा है. Also Read - Kanpur Encounter: विकास दुबे गैंग का हफ्तेभर में हुए खात्मा, कुख्यात गैंगस्टर की उज्जैन से हुई गिरफ्तारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि अनलक व्यवस्था में पूरी सावधानी बरतते हुए औद्योगिक, वाणिज्यिक और अन्य कारोबारी गतिविधियों का संचालन जरूरी है. इसके लिए औद्योगिक इकाइयों में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना इन इकाक्षयों में कार्यरत लोगों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में कोविड-19 की 20 हजार जांच प्रतिदिन की क्षमता पाने पर संतोष व्यक्त किया. इसमें लगातार वृद्धि के निर्देश दिए.