लखनऊः कोरोना वायरस के कारण लागू देशव्यापी लॉकडाउन के बीच दूसरे प्रदेशों में रह रहे उत्तर प्रदेश के मजदूरों को लाने के क्रम में अब तक हरियाणा से 12 हजार से अधिक प्रवासी कामगार प्रदेश वापस लौट चुके हैं. इन लोगों को इनके गृह जनपद भेज दिया गया है. प्रदेश सरकार की तरफ से यह जानकारी दी गई. मजदूरों के बाद अब प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी उनके घर भेजने की योजना सरकार की तरफ से बनाई गयी है . Also Read - कोविड-19 से ठीक होने के बाद तिहाड़ जेल भेजा गया गैंगस्टर Chhota Rajan

अपर मुख्य सचिव गृह और सूचना अवनीश अवस्थी ने सोमवार को प्रेस कांफ्रेस में बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अन्य राज्यों में 14 दिन का पृथक-वास पूरा कर चुके उत्तर प्रदेश के श्रमिकों, कामगारों तथा मजदूरों को चरणबद्ध तरीके से वापस लाए जाने के सम्बन्ध में निर्देश दिये थे. उन्होंने कहा इस पर अमल करते हुये शनिवार को हरियाणा से 2224 मजदूरों को 82 बसों से लाया गया था और रविवार शाम तक 9992 मजदूर 328 बसों से वापस आ गये है . इन मजदूरों को 394 बसों से उनके गृह जनपद पहुंचा दिया गया . Also Read - कोविड मरीजों को दिया जा रहा निशुल्क 'कोरोना किट', पाने का है यह आसान तरीका; सिर्फ इस नंबर पर करें कॉल और...

उन्होंने बताया कि अब इसी तरह प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और विश्वविदयालयों तथा अन्य कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों को उनके घर भेजने का काम जल्द ही शुरू किया जा रहा है. अवस्थी ने बताया कि प्रयागराज में करीब दस हजार छात्र है इनके लिये 300 बसों की व्यवस्था की गयी है. इन छात्रों को चरणबद्ध तरीके से उनके उनके घर पहुंचाया जाएगा. Also Read - देश के लिए अच्छी खबर, 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कम हो रहे कोरोना केस

अवस्थी ने कहा हरियाणा से लाए गये इन मजदूरों को उनके गृह जनपद में 14 दिन तक पृथक-वास में रखा जाएगा. इसके लिये बड़ी संख्या में आश्रय गृह तैयार किये जाने के निर्देश दिये गये हैं. इनमें पब्लिक एड्रेस सिस्टम लगाया जाएगा, भोजन एवं शौचालय की सुचारू व्यवस्था की जाएगी. दूसरे प्रदेशों से वापस लायें गये मजदूरों का पृथक-वास समय समाप्त होने के बाद उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिये भी तैयारी करने के निर्देश दिये है . ताकि इन्हें अपने गांव या उसके आसपास ही रोजगार मिल सके.