लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कहा उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शिक्षक भर्तियों में बड़े पैमाने पर घोटाला किया है. नौजवानों के साथ धोखा हुआ है. बीटीसी शिक्षकों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. भाजपा सरकार में नौकरियों को लेकर छल-कपट किया जा रहा है. Also Read - पूर्व केंद्रीय मंत्री व सपा के दिग्गज नेता बेनी प्रसाद वर्मा का लखनऊ में निधन

शिक्षक भर्ती घोटाले के पीड़ितों के प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात की. अखिलेश ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली हुई है. लोकसभा चुनाव तक पेपर आउट कराना, भर्तियों को रद्द करना ही भाजपा की रणनीति है. भाजपा का यह कार्य छात्र-नौजवान विरोधी है. वह छात्रों, नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है. प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश को अपना ज्ञापन सौंपा. सदस्यों ने अखिलेश को 68,500 शिक्षकों की भर्ती में अनियमितता व बचे हुए पदों पर नियुक्ति में आनाकानी किए जाने से अवगत कराया. उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा कि 27 मई, 2018 को हुई 68,500 शिक्षक भर्ती की परीक्षा में 21 मई 2018 के शासनादेश में सामान्य, ओ.बी.सी. और एससी/एसटी का कटऑफ परीक्षा परिणाम में बदल दिया गया, जिसमें 41,556 अभ्यर्थी ही उत्तर्ण हुए. पूरी भर्ती प्रक्रिया में न केवल कॉपियों का गलत मूल्यांकन कर अनुत्तीर्ण किया गया, बल्कि कुछ अभ्यर्थियों की कॉपी भी बदल दी गई. Also Read - भाजपा ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, कहा- दंगाइयों पर कार्रवाई से बौखला गए हैं

सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में अनियमितता पर सीएम सख्‍त, सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी सस्‍पेंड, बनाई जांच समिति Also Read - अखिलेश यादव ने लगाया आरोप, कहा- यूपी में चरमराई स्वास्थ्य सेवाएं, आयुष्मान भारत भी बना गरीबों के लिए मजाक

शिक्षक भर्ती की सीबीआई जांच की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने बची हुई 27,000 सीटों को 21 मई के शासनादेश के अनुसार उत्तीर्ण अभ्यर्थियों द्वारा भरी जाने और शिक्षक भर्ती की पूरी सीबीआई जांच की मांग की. दोषियों को दंडित किए जाने के लिए अखिलेश यादव से सहयोग किए जाने की भी उन्होंने अपील की है. अखिलेश ने प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों की हर संभव मदद किए जाने का भरोसा दिलाया और कहा कि उनके साथ किसी भी प्रकार का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.