लखनऊ: उच्चतम न्यायालय में अयोध्या में विवादित भूमि मामले की सुनवायी अगले वर्ष जनवरी तक टलने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि न्याय में देरी से लोगों को निराशा होती है लेकिन कोई ना कोई रास्ता अवश्य निकलेगा.

सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई जनवरी 2019 तक टली

न्यायालय के फैसले पर प्रतिक्रिया में योगी ने कहा कि देश की न्यायपालिका के प्रति सबका सम्मान है और हम भी उन संवैधानिक बाध्यताओं से बंधे हैं. स्वाभाविक रूप से अगर न्याय में देरी होती है तो लोगों को निराशा होती है. उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए हम लोग व्यापक विचार विमर्श कर रहे हैं और कोई ना कोई रास्ता अवश्य निकलेगा. मेरा ये विश्वास है. इस सवाल पर कि क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होने के नाते आप भी प्रस्ताव रखेंगे कि अध्यादेश लाना एक रास्ता है जिस पर विचार करना चाहिए, योगी ने कहा कि देखिये अब ये मामला माननीय उच्चतम न्यायालय में है लेकिन देश की शांति और सौहार्द्र के लिए व्यापक आस्था का सम्मान करने के लिए जो भी विकल्प हो सकते हैं, उन सब विकल्पों पर विचार होना चाहिए.

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न्यायालय मामले की जल्दी सुनवाई करता तो अच्‍छा होता
उन्होंने कहा कि अच्छा होता कि न्यायालय इस मामले की जल्दी सुनवायी करके देश के व्यापक सौहार्द्र और शांति के लिए इस मामले में जल्दी फैसला कर देता लेकिन मुझे लगता है कि अभी फिलहाल इस तरह की संभावनाएं नहीं दिखती है.