लखनऊ: उत्तर प्रदेश मंत्रिपरिषद ने राज्य लोक सेवा आयोग (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और भूतपूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण-संशोधन) अध्यादेश-2018 को जारी करने की अनुमति दे दी. Also Read - 23 राज्‍य, 8 केंद्र शासित राज्‍यों में Govt Jobs के लिए आज से इंटरव्‍यू खत्‍म

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राज्य सरकार के एक प्रवक्ता श्रीकांत शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रदेश मंत्रिपरिषद की बैठक में यह निर्णय लिया गया. प्रवक्ता ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा लागू किए गए शारीरिक कमजोरी से ग्रस्त व्यक्तियों के लिए ‘निःशक्तजन अधिकार अधिनियम-2016 की धारा 34 में राज्य के अधीन सेवाओं में नियुक्ति के लिए निःशक्तता से ग्रस्त लोगों के लिए चार प्रतिशत के आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

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निःशक्तता को पांच श्रेणियों में बांटा

मंत्रिपरिषद ने इस कानून के प्रावधानों के मद्देनजर प्रदेश की राज्याधीन लोक सेवाओं और पदों पर नियुक्ति के लिए निःशक्त लोगों द्वारा भरे जाने के लिए प्रत्येक समूह से प्रवर्ग में कुल खाली पदों की संख्या के चार फीसद पद ऐसे व्यक्तियों के लिए आरक्षित किये जाने का निर्णय लिया है. निःशक्तता को पांच श्रेणियों में बांटा गया है. इनमें अंधता और कमजोर नजर, बधिर और कम सुनना. लकवा, रोगमुक्त कुष्ठ, बौनापन, तेजाब हमले से पीड़ित और पेशीय दुष्पोषण, बौद्धिक निःशक्तता, मानसिक अस्वस्थता आदि शामिल हैं.