लखनऊ: उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को ‘दलित मित्र’ का सम्‍मान देने वाले अंबेडकर महासभा के अध्‍यक्ष को इसका ईनाम मिल गया है. यूपी सरकार ने उन्‍हें अनुसूचित जाति वित्‍त विकास निगम का अध्‍यक्ष बना दिया है. इसके अलावा सरकार ने रिटायर आईपीएस अधिकारी बृजलाल को अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति आयोग का अध्‍यक्ष नियुक्‍त किया है. माना जा रहा है कि सरकार अपने इस कदम से अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों को खास संदेश देने की कोशिश कर रही है.

अंबेडकर महासभा के अध्‍यक्ष लालजी प्रसाद निर्मल सूबे के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को ‘दलित मित्र’ का सम्‍मान देने की घोषणा कर चर्चा में आए थे. वह सचिवालय कर्मचारियों के संगठन के भी पदाधिकारी रह चुके हैं. उन्‍होंने लगभग दो साल पहले वहां से स्‍वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी. कुछ दिन बाद वह सपा में रहे, पर बाद में भाजपा के निकट आ गए. साल 2016 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लखनऊ आए थे तो अंबेडकर महासभा पर गए थे. 14 अप्रैल को मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ को अंबेडकर महासभा में ‘दलित मित्र’ सम्‍मान दिया था. इसके बाद से निर्मल लगातार चर्चा में रहे थे. अब मुख्‍यमंत्री ने उन्‍हें अनुसूचित जाति वित्‍त विकास निगम का अध्‍यक्ष बना दिया है. इससे साफ जाहिर है कि यूपी सरकार की तरफ की गई लालजी प्रसाद निर्मल की पहल कारगर रही और उन्‍हें इसका पूरा ईनाम भी मिल गया.

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दलितों समाज को संदेश देने की कोशिश
माना जा रहा है कि यूपी सरकार इन दोनों घोषणाओं से दलित संतुलन साधने की कोशिश कर रही है. बसपा सुप्रीमो मायावती के काफी नजदीकी माने जाने वाले बृजलाल रिटायर होने के बाद 2015 में बसपा के बजाए भाजपा में शामिल हो गए थे. यूपी सरकार ने दो घोषणाएं करके दलित समाज में नया संदेश देने की कोशिश की है.